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दिव्यांग कर्मचारी को संस्थान के परिसर में सरकारी मकान दिया तो भी देना होगा वाहन भत्ता: हाईकोर्ट

Sun, 14 Apr 2019 03:10 PM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 14 Apr 2019 03:10 PM IST
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Punjab Haryana High Court Order in Case of Government Resident to Disable Employees
सांकेतिक तस्वीर
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि दिव्यांग कर्मचारी को संस्थान परिसर के भीतर आवास दिया तो भी उसे वाहन भत्ते का भुगतान करना होगा। यह आदेश सुनाते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को याचिकाकर्ता को याचिका दाखिल करने से 38 माह पूर्व से भत्ते का भुगतान कारने के आदेश दिए हैं।
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याचिका दाखिल करते हुए राजेश कुमार ने एडवोकेट संसार कुंडू के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा। याची ने कहा कि वह 45 प्रतिशत स्थायी रूप से दिव्यांग है। सरकार के नियम के अनुसार दिव्यांग कर्मचारियों को वाहन भत्ता दिया जाता है। याची ने भी इस भत्ते के लिए आवेदन किया था लेकिन उसका आवेदन 22 मार्च 2016 को खारिज कर दिया गया।
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याचिका पर हरियाणा सरकार ने कहा कि याची को फैक्टरी के भीतर ही सरकारी आवास दिया गया है और ऐसे में वह वाहन भत्ते के लिए दावा नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि नियमों में कहीं पर भी यह नहीं दर्ज है कि संस्थान परिसर में यदि आवास दिया गया हो तो वाहन भत्ता नहीं दिया जाता।
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हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता का दावा सही है और ऐसे में सरकार उसे याचिका दाखिल करने से 38 माह पहले से अब तक का वाहन भत्ते का भुगतान करे।
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