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नॉमिनेट तीन एचसीएस के मामले में हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Mon, 19 Sep 2016 09:24 PM IST
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साल 2014 में फर्जी तरीके से तीन को एचसीएस नॉमिनेट करने और मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि पिछली हुड्डा सरकार के कार्यकाल में नियमों को ताक पर रखकर एचसीएस बनाया गया। इनमें से एक की डिग्री भी फर्जी पाई गई।
याचिका में कहा गया है कि 2014 में तत्कालीन हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों से एससीएस नॉमिनेट करने के लिए आवेदन मंगवाए गए थे। याचिकाकर्ता ने भी इसके लिए विभाग के जरिये आवेदन किया। मेरिट लिस्ट में याचिकाकर्ता का नाम सबसे ऊपर था।
नियमों के तहत तीन पदों के लिए कुल छह नाम एचपीएससी को भेजे जाने थे, लेकिन नियुक्ति का परिणाम जारी होने पर यह बात सामने आई कि एचसीएस के लिए नॉमिनेट तीन पदों पर जिनकी नियुक्ति की गई, उनके नाम छह की सूची में शामिल नहीं थे।
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याचिकाकर्ता का आरोप है कि नियुक्त तीनों एचसीएस पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी थे। इसमें विजेंद्र हुड्डा, आशुतोष और सुरेंद्र शामिल हैं। याची का आरोप है कि इनमें विजेंद्र हुड्डा की तो डिग्री भी फर्जी निकली थी। इसकी जांच के लिए विजिलेंस को भी शिकायत दी गई थी।
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याचिका में कहा गया है कि 2014 में तत्कालीन हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों से एससीएस नॉमिनेट करने के लिए आवेदन मंगवाए गए थे। याचिकाकर्ता ने भी इसके लिए विभाग के जरिये आवेदन किया। मेरिट लिस्ट में याचिकाकर्ता का नाम सबसे ऊपर था।
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नियमों के तहत तीन पदों के लिए कुल छह नाम एचपीएससी को भेजे जाने थे, लेकिन नियुक्ति का परिणाम जारी होने पर यह बात सामने आई कि एचसीएस के लिए नॉमिनेट तीन पदों पर जिनकी नियुक्ति की गई, उनके नाम छह की सूची में शामिल नहीं थे।
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याचिकाकर्ता का आरोप है कि नियुक्त तीनों एचसीएस पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी थे। इसमें विजेंद्र हुड्डा, आशुतोष और सुरेंद्र शामिल हैं। याची का आरोप है कि इनमें विजेंद्र हुड्डा की तो डिग्री भी फर्जी निकली थी। इसकी जांच के लिए विजिलेंस को भी शिकायत दी गई थी।