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चंडीगढ़ मेयर चुनाव को चुनौती: पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को जारी किया नोटिस
Fri, 04 Feb 2022 01:17 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 04 Feb 2022 01:17 PM IST
सार
चंडीगढ़ के मेयर चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर दिया।
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हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नगर निगम मेयर चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग व यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। साथ ही अगली सुनवाई के दौरान चुनाव से जुड़ा पूरा रिकार्ड सौंपने का आदेश दिया है।
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आम आदमी पार्टी की अंजू कत्याल, प्रेम लता व राम चन्दर यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में बताया गया कि चंडीगढ़ नगर निगम के 35 वर्ड के लिए 24 दिसंबर को चुनाव हुआ था। 27 दिसंबर को जारी नतीजे के अनुसार आप को 14, भाजपा को 12 और कांग्रेस को 8 सीट मिली थी।
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कांग्रेस की एक पार्षद बाद में भाजपा में शामिल हो गई थी। इस पार्षद व एक वोट सांसद की भाजपा को मिल गई थी। ऐसे में आप और भाजपा दोनों के पास 14 वोट हो गई थी। इसके बाद 8 जनवरी को मेयर चुनाव करवाए गए। मतदान प्रक्रिया के बाद चुनाव अधिकारी ने आप के एक वोट को अवैध करार देकर रद्द कर दिया। वोट रद्द होने से भाजपा की उम्मीदवार सरबजीत कौर को मेयर घोषित कर दिया गया।
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आप ने इस पर उस समय भी आपत्ति दर्ज की थी लेकिन इसका लाभ नहीं हुआ। ऐसे में यह याचिका दाखिल कर आप के उम्मीदवारों ने चुनाव रद्द कर नए सिरे से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए दोबारा चुनाव करवाने की हाईकोर्ट से मांग की है। पिछली सुनवाई पर चंडीगढ़ के सीनियर स्टैंडिंग काउंसल अनिल मेहता ने इस याचिका पर कई सवाल उठा दिए थे। उन्होंने कहा कि मेयर पद के लिए हुए चुनाव को चुनौती दी गई है, जबकि इसके नतीजों को चुनौती दी ही नहीं गई। समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों के आधार पर यह याचिका दायर की गई है।
दूसरी तकनीकी आपत्ति यह बताई कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को चुनौती दी गई है, लेकिन याचिका में चयनित लोगों को पक्ष ही नहीं बनाया गया है। इस तरह इस याचिका में कई तकनिकी खामियां है। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि याची इस याचिका को वापिस लेकर नए सिरे से दाखिल करे। इसपर याची ने कहा था कि उसे याचिका में संशोधन के लिए कुछ समय दिया जाए। हाईकोर्ट ने इसपर सुनवाई स्थगित कर दी थी। अब शुक्रवार को संशोधित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग व यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। साथ ही अगली सुनवाई पर चुनाव से जुड़ा पूरा रिकार्ड पेश करने का आदेश दिया है।