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Punjab Excise Policy: आबकारी नीति के खिलाफ पंजाब सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस, पूछा- क्यों न लगा दें रोक
Tue, 28 Jun 2022 04:36 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 28 Jun 2022 04:36 PM IST
सार
विजय कुमार एवं अन्य ने अपनी याचिका में कहा है कि पंजाब की एक्साइज पॉलिसी को मुख्यमंत्री की स्वीकृति पर जारी कर दिया गया जबकि इसके लिए मंत्री परिषद की सहमति भी अनिवार्य है।
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विस्तार
पंजाब में शराब की खरीद और बिक्री के लिए लाई गई साल 2022 -23 की आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को झटका देते हुए नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों ना इस नीति पर रोक लगा दी जाए। इसके साथ ही नीति के तहत ठेकों की अलॉटमेंट को याचिका पर आने वाले अंतिम फैसले पर निर्भर कर दिया है। एक अन्य याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री को भी नोटिस जारी किया है।
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पंजाब की आबकारी नीति को चुनौती देने वाली चार अलग-अलग याचिकाओं पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। सभी याचिकाकर्ताओं ने पंजाब की नई आबकारी नीति को पंजाब एक्साइज एक्ट-1914 और पंजाब लिकर लाइसेंस एक्ट-1956 का उल्लंघन बताया और कहा कि इस नीति के तहत एकाधिकार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन सभी याचिकाओं में पंजाब की नई आबकारी नीति को रद्द करने की हाईकोर्ट से अपील की गई है।
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विजय कुमार व अन्य ने अपनी याचिका में पंजाब सरकार व पंजाब के मुख्यमंत्री को प्रतिवादी बनाया है। याचिका में कहा है कि पंजाब की आबकारी नीति को मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद जारी कर दिया गया जबकि इसके लिए मंत्री परिषद की सहमति अनिवार्य है। ऐसे में इस नीति को जारी करते हुए तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने इन सभी याचिकाओं पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर पूछ लिया है कि सरकार बताए कि क्यों न इस नीति पर रोक लगा दी जाए। साथ ही शराब के ठेकों की जो अलॉटमेंट की जा रही है वह अब हाईकोर्ट में दायर इन याचिकाओं पर आने वाले अंतिम फैसले पर निर्भर रहेंगी।
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