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मुल्तानी हत्याकांड में पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी ब्लैंकेट बेल
Wed, 23 Sep 2020 03:51 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 23 Sep 2020 03:51 PM IST
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
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पंजाब केपूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को बड़ी राहत मिली है। पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने पुलिस को आदेश दिया है कि सैनी के पूरे सेवाकाल के दौरान दर्ज मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले उन्हें सात दिन का नोटिस जारी करे। साथ ही न्यायालय ने पंजाब सरकार को 8 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सैनी ने बुधवार को पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि 11 अक्तूबर 2018 को उनकी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने ही डायरेक्टर विजिलेंस, आईजी (इंटेलिजेंस) और डीजीपी पद पर रहते उनके खिलाफ अगर कोई केस दर्ज होने की स्थिति में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले उन्हें सात दिन का नोटिस देने के पुलिस को आदेश दिए थे।
अब याचिका दाखिल करते हुए सैनी ने कहा कि पंजाब सरकार जानबूझ कर उनको परेशान करना चाहती है और ऐसे में उस आदेश से बचने और उन्हें फंसाने के लिए सरकार ने 1991 के बलवंत सिंह मुल्तानी केस में फंसाने की साजिश रची है। इस मामले में उन्हें सिर्फ इसलिए फंसाया जा रहा है क्योंकि घटना के समय पर चंडीगढ़ के एसएसपी पद पर थे। ऐसी स्थिति में 2018 में जारी आदेश लागू नहीं होते हैं और इसीलिए उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
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न्यायालय ने उस समय उन्हें सिर्फ डायरेक्टर विजिलेंस, आईजी (इंटेलिजेंस) और डीजीपी पद के दौरान होने वाले मामलों की स्थिति में ही राहत दी थी। अब दायर याचिका में सैनी ने अपने पूरे कैरियर के दौरान उनके खिलाफ दर्ज होने वाले किसी भी मामले में कार्रवाई से सात दिन पहले नोटिस दिए जाने की मांग की है। उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए पंजाब सरकार को 10 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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सैनी ने बुधवार को पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि 11 अक्तूबर 2018 को उनकी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने ही डायरेक्टर विजिलेंस, आईजी (इंटेलिजेंस) और डीजीपी पद पर रहते उनके खिलाफ अगर कोई केस दर्ज होने की स्थिति में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले उन्हें सात दिन का नोटिस देने के पुलिस को आदेश दिए थे।
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अब याचिका दाखिल करते हुए सैनी ने कहा कि पंजाब सरकार जानबूझ कर उनको परेशान करना चाहती है और ऐसे में उस आदेश से बचने और उन्हें फंसाने के लिए सरकार ने 1991 के बलवंत सिंह मुल्तानी केस में फंसाने की साजिश रची है। इस मामले में उन्हें सिर्फ इसलिए फंसाया जा रहा है क्योंकि घटना के समय पर चंडीगढ़ के एसएसपी पद पर थे। ऐसी स्थिति में 2018 में जारी आदेश लागू नहीं होते हैं और इसीलिए उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
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न्यायालय ने उस समय उन्हें सिर्फ डायरेक्टर विजिलेंस, आईजी (इंटेलिजेंस) और डीजीपी पद के दौरान होने वाले मामलों की स्थिति में ही राहत दी थी। अब दायर याचिका में सैनी ने अपने पूरे कैरियर के दौरान उनके खिलाफ दर्ज होने वाले किसी भी मामले में कार्रवाई से सात दिन पहले नोटिस दिए जाने की मांग की है। उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए पंजाब सरकार को 10 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
Punjab and Haryana High Court grants blanket anticipatory bail to Former Punjab Police Chief Sumedh Singh Saini— ANI (@ANI) September 23, 2020