{"_id":"62e77b7742461f31db070d9e","slug":"punjab-haryana-high-court-disposed-petition-on-appointment-of-raghav-chadha-as-advisory-committee-chairman","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: राघव चड्ढा को एडवाइजरी कमेटी चेयरमैन बनाने के खिलाफ याचिका का निपटारा, सरकार को निर्णय लेने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: राघव चड्ढा को एडवाइजरी कमेटी चेयरमैन बनाने के खिलाफ याचिका का निपटारा, सरकार को निर्णय लेने के आदेश
Mon, 01 Aug 2022 12:36 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 01 Aug 2022 12:36 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने राघव चड्ढा की नियुक्ति के खिलाफ याचिकाकर्ता एडवोकेट जगमोहन भट्टी द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर निर्णय लेने का आदेश पंजाब सरकार को दिया है।
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा
- फोटो : facebook.com/raghavchadhaca
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्य सरकार की एडवाइजरी कमेटी का चेयरमैन नियुक्त करने के मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा कि पंजाब सरकार ने कैसे अनिर्वाचित व्यक्ति को सरकार के अधिकार सौंप सकती है। क्या यह संविधान के साथ मजाक नहीं है। हालांकि कोर्ट ने अब पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि नियुक्ति के खिलाफ जो मांगपत्र सौंपा गया है, उस पर निर्णय लिया जाए।
विज्ञापन
एडवोकेट जगमोहन भट्टी ने बताया कि राघव चड्ढा की नियुक्ति वैध नहीं है। भट्टी ने कहा कि जिसे नोटिफिकेशन बताकर राघव चड्ढा को चेयरमैन नियुक्त किया गया है, वह असल में सिर्फ एक पत्र है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह अधिकार ही नहीं है कि वह इस प्रकार की नियुक्ति कर सकें।
विज्ञापन
इस तरह का अधिकार केवल राज्यपाल को है, ऐसे में यह नियुक्ति सही नहीं है। भट्टी ने याचिका में आरोप लगाया है कि इसे एडहॉक कमेटी कहा जा रहा है लेकिन इसके जरिये चड्ढा को कैबिनेट रैंक दिया जा रहा है। ऐसे में यह कमेटी एक तरह से समानांतर सरकार की तरह हो जाएगी। भट्टी ने याचिका में कहा है कि यह कमेटी किन विषयों पर सरकार को परामर्श देगी इसके बारे में कोई जानकारी तक नहीं दी गई है। साथ ही राघव चड्ढा की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 309 का उल्लंघन है।
विज्ञापन
पंजाब के मुख्य सचिव पद पर विजय कुमार जंजुआ की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती
पंजाब के मुख्य सचिव के पद पर विजय कुमार जंजुआ की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 18 अगस्त तक नियुक्ति से जुड़ा रिकॉर्ड सौंपने का आदेश दिया है। लुधियाना निवासी तुलसी राम मिश्रा ने याचिका दाखिल करते हुए विजय कुमार जंजुआ को मुख्य सचिव के तौर पर पदोन्नत करने के पंजाब सरकार के 5 जुलाई 2022 के फैसले को चुनौती दी है।
याचिका में कहा गया है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला विचाराधीन है उसे कैसे मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया जा सकता है। याची ने कहा कि जंजुआ के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति भी दी जा चुकी थी। याची ने कहा कि केंद्र के नियमों को नजरअंदाज करते हुए जंजुआ को पदोन्नत किया गया है। ऐसे में उनकी पदोन्नति के आदेश पर रोक लगाई जाए।