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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court dismissed appeal against life sentence of father convicted of Misdeed his daughter

दुष्कर्मी पिता की उम्रकैद बरकरार: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी-खुशहाल औरत की आत्मा को झकझोर देता है दुष्कर्म

Wed, 27 Sep 2023 10:08 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 27 Sep 2023 10:08 AM IST
सार

दोषी की अपील का कड़ा विरोध करते हुए हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल सुरेंद्र सिंह पन्नू ने इसे खारिज करने की मांग की। पन्नू ने कहा कि पीड़िता ने अदालत के समक्ष पूरी कहानी बताई और अंत तक इस पर टिकी रही। पीड़िता के पास ऐसा कोई कारण नहीं था जो वह इस प्रकार के झूठे आरोप लगाए।

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Punjab-Haryana High Court dismissed appeal against life sentence of father convicted of Misdeed his daughter
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता की उम्रकैद की सजा के खिलाफ अपील को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि दुष्कर्म एक खुशहाल महिला की आत्मा को झकझोर देता है। यह ऐसा अपराध है जो समाज के बुनियादी संतुलन को नष्ट कर देता है।

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फरीदाबाद की अदालत ने 13 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए 14 मई 2013 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आरोपी पिता ने फरीदाबाद अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अपनी अपील में हाईकोर्ट को बताया कि आरोप के अनुसार दुष्कर्म 2011 की सर्दियों में हुआ था जबकि शिकायत 30 अक्तूबर 2012 को यानी लगभग एक साल बाद दायर की गई थी। याची का पूरा परिवार (8 सदस्य ) एक ही कमरे में रहता था। ऐसे में यह संभव ही नहीं है कि वहां दुष्कर्म हुआ हो। शिकायत में अत्यधिक देरी भी अभियोजन पक्ष की सत्यता पर संदेह पैदा करता है। 
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अपील का कड़ा विरोध करते हुए हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल सुरेंद्र सिंह पन्नू ने इसे खारिज करने की मांग की। पन्नू ने कहा कि पीड़िता ने अदालत के समक्ष पूरी कहानी बताई और अंत तक इस पर टिकी रही। पीड़िता के पास ऐसा कोई कारण नहीं था जो वह इस प्रकार के झूठे आरोप लगाए। साथ ही उसकी मां ने भी अभियोजन का साथ दिया है।

पीड़िता पर झूठे आरोप लगाने की याची की दलील को हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि आत्मसम्मान और गरिमा वाली कोई भी लड़की किसी पर दुष्कर्म का झूठा आरोप नहीं लगाएगी और खास तौर पर पिता पर तो बिलकुल नहीं। दुष्कर्म से उसके सतीत्व की बलि चढ़ जाती है और परिवार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। साथ ही दुष्कर्म एक महिला की गरिमा को कम करता है और उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करता है।

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