फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   punjab haryana High Court commented on cycling track issue

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, 'कह दो पुलिस नहीं है, सड़क पर आप अपनी जान के खुद जिम्मेदार’

Mon, 08 Oct 2018 10:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 08 Oct 2018 10:02 PM IST
विज्ञापन
punjab haryana High Court commented on cycling track issue
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

साइकिल ट्रैक और फुटपाथ पर वाहन चलाने वालों और पार्किंग करने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करो। ऐसा करते हुए कोई झंडा या बत्ती मत देखना। अगर मेरी गाड़ी भी नियम के खिलाफ खड़ी मिले तो मेरा चालान करने से भी मत झिझकना। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो साइकिल ट्रैक और फुटपाथ हटा दो। लोगों से कह दो कि पुलिस नहीं है और आप सड़क पर अपने रिस्क पर निकलें। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अमोल रतन सिंह ने यह टिप्पणी एक मामले में सुनवाई के दौरान की।

विज्ञापन


 मामले की सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासक के सलाहकार का हलफनामा पेश किया गया जिसमें बताया गया कि साइकिल ट्रैक को लेकर जिम्मेदारी तय की गई है। ट्रैक की सफाई की जिम्मेदारी एमसी कमिश्नर की, मेंटेनेंस की इंजीनियरिंग विभाग की और इस पर बाइक -कार आदि न चलने देने की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की होगी। 
विज्ञापन


इसके साथ ही यह भी बताया गया कि यूटी पुलिस के पदों की संख्या बढ़ाने का प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजा गया है। 1355 पदों के भेजे गए प्रस्ताव में 457 पद ट्रैफिक पुलिस के लिए मांगे गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने डीजीपी व गृह सचिव को आदेश दिया कि अगली सुनवाई पर इन पदों को लेकर क्या स्टेटस है, यह जानकारी दें। कोर्ट ने कहा कि या तो पार्किंग की व्यवस्था करो या फिर मोनो रेल जैसे कॉन्सेप्ट पर विचार करो जिससे लोगों को वाहन निकालने की जरूरत कम से कम पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

एनसीआर की स्थिति में हैं चंडीगढ़, बाहरी लोग परेशानी का सबब

punjab haryana High Court commented on cycling track issue
Punjab And Haryana Highcourt - फोटो : File Photo

ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने में अभी तक नाकाम रही चंडीगढ़ पुलिस ने नाकामी का ठीकरा मोहाली और पंचकूला वासियों पर फोड़ा है। यूटी पुलिस ने कहा कि चंडीगढ़ की स्थिति एनसीआर की तरह हो गई है। शहर के लोगों को तो जागरूक किया जा रहा है लेकिन बाहर से आने वाले लोग परेशानी का सबब बन रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि यह देखना पुलिस का काम है कि कैसे नियमों का पालन हो। ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड मिलकर इस स्थिति को संभालें।

मास्टर प्लान के माध्यम से बताएं कैसे निपटेंगे ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या से
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान चीफ आर्किटेक्ट को निर्देश दिए कि वे मास्टर प्लान के अनुरूप बताएं कि आने वाले वर्षों में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या से निपटने की क्या योजना है। साथ ही यह भी बताएं कि कुछ सरकारी इमारतों के आगे पार्किंग का स्थान दिया गया है और कुछ में नहीं। तो या तो सभी जगह पार्किंग दो या फिर सभी के लिए एक ही व्यवस्था लागू करो।

एक हफ्ते की मोहलत 

punjab haryana High Court commented on cycling track issue
cycling track

हाईकोर्ट ने कहा कि अभी ट्रैफिक पुलिस को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि साइकिल ट्रैक व फुटपाथ पर कोई वाहन न चले। कुछ वर्ष पहले इस शहर में ट्रैफिक पुलिस और वाहन अनुपात सबसे ज्यादा था, पर अब हालत बदतर है।

शून्य नागरिक भावना 
हाईकोर्ट ने कहा कि एक ओर तो पुलिस अपनी ओर से कोशिश कर रही है लेकिन लोगों के बीच शून्य नागरिक भावना है। लोगों को चाहिए कि वे नियमों के अनुरूप चले और खुद को भी सुरक्षित रखें और दूसरों को भी। लोग लापरवाही बरतते हैं और इसके साथ ही पुलिस भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह से निभाने में कामयाब नहीं हुई है।

दिखावे का पालन 
हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस टोकन चालान में हीरो है जो केवल दिखावा है। असल में जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। अब कोई भी कार या बाइक प्रतिबंधित क्षेत्र में पार्क मिले तो तुरंत इसको टो करवाओ। लोगों के बीच संदेश जाना चाहिए कि नियम का पालन नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed