फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High Court Asked to Haryana Government, private Schools and Parents to Sort Out Fees Problem

फीस वसूली मामला: सरकार, निजी स्कूल और अभिभावक मिल बैठ कर हल क्यों नहीं निकालते

Thu, 18 Jun 2020 12:00 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 18 Jun 2020 12:00 PM IST
विज्ञापन
Punjab Haryana High Court Asked to Haryana Government, private Schools and Parents to Sort Out Fees Problem
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस के अलावा छात्रों से अन्य किसी भी तरह की फीस की वसूली पर हरियाणा सरकार द्वारा रोक लगाने के आदेश के खिलाफ निजी स्कूलों की संस्था सर्व विद्यालय संघ हरियाणा कि याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने पूछा कि सभी पक्ष मिलकर बैठक कर इस मामले का हल क्यों नहीं निकाल लेते। बुधवार को काफी देर सुनवाई करने के बाद मामले की सुनवाई सोमवार तक स्थगित कर दी गई है।
विज्ञापन


सर्व विद्यालय संघ हरियाणा ने याचिका में कहा कि लॉकडाउन से सिर्फ छात्रों के अभिभावक ही प्रभावित नहीं हुए हैं  बल्कि निजी स्कूल भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में अब अगर वह फीस भी पूरी नहीं वसूल पाए तो स्कूलों के पास शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मियों को वेतन देना और स्कूल का खर्च निकाल पाना भी मुश्किल हो जाएगा। संस्था ने हरियाणा सरकार द्वारा 12 अप्रैल से 8 मई तक जारी उन सभी आदेश पर रोक की मांग की है। जिसके तहत सरकार ने निजी स्कूलों को फीस न बढ़ाने, स्कूल खुलने तक फीस वसूल न करने और सिर्फ ट्यूशन फीस के अलावा अन्य किसी फंड के लिए लेने पर पाबंदी लगा दी है।
विज्ञापन


अभिभावकों का पक्ष भी सुना जाना चाहिए
बुधवार को इस मामले में निजी स्कूलों के अभिभावकों ने कहा कि मामले में हाईकोर्ट को अभिभावकों का भी पक्ष सुनना चाहिए। इस पर निजी स्कूलों ने इस अर्जी का विरोध किया, जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में अभिभावकों का पक्ष भी सुना जाना जरूरी है । लंबी बहस के बाद हाईकोर्ट ने सुझाव दिया कि क्यों न इस पूरे मामले में सरकार,निजी स्कूल और अभिभावक मिल बैठकर इसका हल निकाल लेते। इस पर हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल ने मामले में सरकार से निर्देश ले हाईकोर्ट को सूचित करने के लिए समय मांगा। इस पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई सोमवार तक स्थगित कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसएलसी की बाध्यता खत्म होने से बिना फीस जमा कराए स्कूल छोड़ रहे बच्चे

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए स्कूूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) की बाध्यता खत्म होने के बाद निजी स्कूलों की हालत खस्ता हो गई है। यहां पढ़ रहे बच्चे बगैर फीस दिए स्कूल छोड़ दे रहे हैं। खासकर गांवों के स्कूलों की हालत यह है कि यहां 50 फीसदी निजी स्कूलों में तीन माह यानी अप्रैल से जून तक फीस नहीं जमा हुई है।

जबकि दस फीसदी स्कूलों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक ही है। वहीं 40 फीसदी स्कूलों में 5 से 7 प्रतिशत तक ही ट्यूशन फीस जमा कराई गई है। निजी स्कूल संचालक इससे चिंतित हैं। एक तो फीस की राशि डूबने जा रही है, दूसरा बड़ी संख्या में बच्चों के सरकारी स्कूलों में जाने पर उन्हें अपने स्कूल बंद करने की भी स्थिति आ सकती है।

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ इस संबंध में कई बार शिक्षा मंत्री से समय मांग चुका है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। संघ की इस संबंध में राज्यस्तरीय बैठक 18 जून को जींद में होगी। अध्यक्षता संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू व संरक्षक तेलूराम रामायणवाला करेंगे। इसमें विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श के साथ-साथ आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed