Punjab: अवैध खनन से बने गड्ढे आतंकियों के लिए तो नहीं बन रहे प्रवेश मार्ग, हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
गुरदासपुर और पठानकोट में खास तौर पर रावी नदी में इस प्रकार खनन किया जा रहा है कि बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं जो आतंकियों व घुसपैठियों के लिए प्रवेश द्वार बन गए हैं। खनन के लिए जेसीबी व अन्य भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि कहीं अवैध खनन से बने गड्ढे आतंकवादियों के लिए भारत में प्रवेश का द्वार तो नहीं बन रहे हैं। साथ ही केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह सेना और बीएसएफ से गुरदासपुर व पठानकोट जिले में अवैध खनन के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे के बारे में रिपोर्ट मांग कर हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करें। पंजाब के मुख्य सचिव को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है कि अवैध खनन देश की सुरक्षा के लिए खतरा है या नहीं?
चंडीगढ़ निवासी एडवोकेट गुरबीर सिंह पन्नू ने पंजाब में अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नदी में तय सीमा से अधिक खनन किया जा रहा है। गुरदासपुर और पठानकोट में खास तौर पर रावी नदी में इस प्रकार खनन किया जा रहा है कि बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं जो आतंकियों व घुसपैठियों के लिए प्रवेश द्वार बन गए हैं। खनन के लिए जेसीबी व अन्य भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।
पंजाब में 500 से ज्यादा एफआईआर, 589 गिरफ्तार
इस पर पंजाब सरकार ने बताया कि अवैध खनन पर नकेल कसी जा रही है और 500 से ज्यादा एफआईआर दर्ज कर 589 लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि क्या अवैध खनन से राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा है या नहीं। पंजाब सरकार के वकील इसका जवाब नहीं दे सके। हाईकोर्ट ने अब इस बारे में पंजाब के मुख्य सचिव को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।