फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court approves divorce from psychopathic and angry wife

हाईकोर्ट: मनोरोगी व गुस्सैल जीवनसाथी के साथ रहने के लिए मजबूर करना आजीवन यातना, तलाक का आदेश

Wed, 04 Jan 2023 10:54 AM IST
भूपेंद्र सिंह विवेक शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंड़ीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंड़ीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 04 Jan 2023 10:54 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि पति और ससुराल वालों को दूसरों के सामने थप्पड़ मार बेइज्जत करना क्रूरता है। कोर्ट ने इस मामले में तलाक याचिका दाखिल होने के बाद पति के खिलाफ दहेज का केस डालने को भी आधार बनाया है।

विज्ञापन
Punjab-Haryana High Court approves divorce from psychopathic and angry wife
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक की मांग को लेकर पति द्वारा दाखिल की गई याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि मनोरोगी और गुस्सैल पत्नी के साथ जीवन बिताना आजीवन यातना जैसा है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी ने तलाक का केस दाखिल होते ही पति के खिलाफ दहेज को लेकर एफआईआर दर्ज करवा दी जो उसका रवैया दर्शाता है।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए अमृतसर निवासी पति ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका विवाह 2011 में हुआ था और विवाह में दहेज बिलकुल नहीं लिया गया था। विवाह के कुछ समय बाद से ही पत्नी का गुस्सैल रवैया सामने आने लगा था। जब उसे बेटी हुई तो रवैया और खराब हो गया। पत्नी ने घर के काम करने से मना कर दिया और अक्सर याची व याची के अभिभावकों को सार्वजनिक तौर पर थप्पड़ मार कर बेइज्जत करती थी। इसके बाद याची ने तलाक के लिए याचिका दाखिल की तो पत्नी ने दहेज की मांग का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवा दी। इसके बाद दोनों के बीच समझौता हो गया और एफआईआर रद्द हो गई।
विज्ञापन


इसके बाद भी पत्नी का रवैया नहीं बदला और वह और क्रूर होती चली गई। एक दिन बिना याची को बताए अपने घर चली गई। याची ने फिर तलाक के लिए याचिका दाखिल की तो फिर से पुलिस को शिकायत दे दी गई। याची ने बताया कि उसकी पत्नी मनोरोगी है और उसका इलाज भी करवाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्नी ने सभी आरोपों को नकार दिया और याची पर आरोप लगाया कि कम दहेज को लेकर उसे अपमानित किया जाता था। पत्नी ने कहा कि याची उस पर अपने पिता की संपत्ति में हिस्से के लिए दबाव बनाता था।

हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि दो डॉक्टरों की राय है कि मानसिक बीमारी है और उसका इलाज किया जा सकता है लेकिन ठीक नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि मनोरोगी व गुस्सैल जीवनसाथी के साथ रहने के लिए याची को मजबूर करना उसके लिए आजीवन यातना होगा।


पति व ससुराल वालों को बेइज्जत करना भी उनके प्रति क्रूरता है। पति के तलाक का केस दाखिल करने के बाद पत्नी द्वारा उसके खिलाफ दहेज मांगने का आरोप लगा एफआईआर दर्ज करवाना उसका रवैया दर्शाता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने पति की याचिका को मंजूर करते हुए तलाक का आदेश जारी किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed