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Highcourt: लापरवाह उम्मीदवार को मौका दिया गया तो भर्ती प्रक्रिया हो जाएगी अंतहीन, याचिका खारिज
Sat, 15 Apr 2023 12:23 PM IST
निवेदिता वर्मा
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 15 Apr 2023 12:23 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि याची को आयोग की वेबसाइट को लगातार जांचना चाहिए था क्योंकि यह विज्ञापन में था कि आवेदक को अलग से कोई सूचना नहीं दी जाएगी। जो आवेदक सतर्क थे उन्होंने वेबसाइट पर मौजूद जानकारी का अनुसरण किया और भर्ती के अगले स्तर पर पहुंच गए।
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विस्तार
जो उम्मीदवार सतर्क नहीं है और अपने लापरवाह रवैए के कारण अवसर गंवा दिया वह केवल अपनी योग्यता के आधार पर सतर्क रहे और भर्ती के अगले चरण तक पहुंच चुके व्यक्ति को वंचित करने के लिए कोर्ट का सहारा नहीं ले सकता। यदि ऐसे व्यक्ति को मौका दिया गया तो यह भर्ती की प्रक्रिया को अंतहीन बना देगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह अहम टिप्पणी करते हुए फूड प्रोडक्शन ऑफिसर पद की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर दाखिल याचिका को खारिज कर दिया।
याचिका दाखिल करते हुए करनाल निवासी गौरव सांगवान ने बताया कि हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने फूड प्रोडक्शन ऑफिसर के 4 पद भरने के लिए आवेदन मांगे थे। याची ने इस नियुक्ति प्रक्रिया में भाग लिया और भर्ती के अगले चरण तक पहुंच गया। इसके बाद आयोग ने दस्तावेजों को अपलोड करने के लिए आवेदकों को दो अवसर दिए। इन दोनों अवसरों के बावजूद याचिकाकर्ता अपने दस्तावेजों को अपलोड करने में नाकामयाब रहा।
यह भी पढ़ें : Operation Amritpal: कपूरथला के वकील को NIA ने किया डिटेन, अमृतपाल से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर की थी शेयर
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याची ने बताया कि आयोग ने भर्ती का परिणाम वेबसाइट पर जारी किया लेकिन याची को इसके बारे में जानकारी नहीं मिली। आयोग ने न कोई पब्लिक नोटिस जारी किया न ही याची को कोई जानकारी दी। वह योग्यता मानकों को पूरा करता है और ऐसे में उसे दस्तावेजों को जमा करवाने की मोहलत दी जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि याची को आयोग की वेबसाइट को लगातार जांचना चाहिए था क्योंकि यह विज्ञापन में था कि आवेदक को अलग से कोई सूचना नहीं दी जाएगी। जो आवेदक सतर्क थे उन्होंने वेबसाइट पर मौजूद जानकारी का अनुसरण किया और भर्ती के अगले स्तर पर पहुंच गए। ऐसे में केवल अपनी योग्यता का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ऐसे लोगों को वंचित करने के लिए कोर्ट में दावा नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि इस प्रकार लापरवाह व्यक्ति को मौका दिया गया तो ऐसी प्रथा भर्तियों को अंतहीन कर देगी और इसकी पवित्रता पर भी संकट के बादल छा जाएंगे।
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याचिका दाखिल करते हुए करनाल निवासी गौरव सांगवान ने बताया कि हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने फूड प्रोडक्शन ऑफिसर के 4 पद भरने के लिए आवेदन मांगे थे। याची ने इस नियुक्ति प्रक्रिया में भाग लिया और भर्ती के अगले चरण तक पहुंच गया। इसके बाद आयोग ने दस्तावेजों को अपलोड करने के लिए आवेदकों को दो अवसर दिए। इन दोनों अवसरों के बावजूद याचिकाकर्ता अपने दस्तावेजों को अपलोड करने में नाकामयाब रहा।
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याची ने बताया कि आयोग ने भर्ती का परिणाम वेबसाइट पर जारी किया लेकिन याची को इसके बारे में जानकारी नहीं मिली। आयोग ने न कोई पब्लिक नोटिस जारी किया न ही याची को कोई जानकारी दी। वह योग्यता मानकों को पूरा करता है और ऐसे में उसे दस्तावेजों को जमा करवाने की मोहलत दी जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि याची को आयोग की वेबसाइट को लगातार जांचना चाहिए था क्योंकि यह विज्ञापन में था कि आवेदक को अलग से कोई सूचना नहीं दी जाएगी। जो आवेदक सतर्क थे उन्होंने वेबसाइट पर मौजूद जानकारी का अनुसरण किया और भर्ती के अगले स्तर पर पहुंच गए। ऐसे में केवल अपनी योग्यता का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ऐसे लोगों को वंचित करने के लिए कोर्ट में दावा नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि इस प्रकार लापरवाह व्यक्ति को मौका दिया गया तो ऐसी प्रथा भर्तियों को अंतहीन कर देगी और इसकी पवित्रता पर भी संकट के बादल छा जाएंगे।