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Punjab: डेंगू से गुरमीत पिंकी की मौत, चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में ली आखिरी सांस
Wed, 25 Oct 2023 10:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 25 Oct 2023 10:36 PM IST
सार
पंजाब में आतंकवाद के समय गुरमीत सिंह पिंकी को पुलिस का मुखबिर माना जाता था।परिजनों के मुताबिक उनको दिल का दौरा भी पड़ा था। उनकी बेटी विदेश में है। बेटी के वापस आने बाद ही उनका संस्कार किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब पुलिस के कैट के नाम से प्रसिद्ध गुरमीत सिंह पिंकी बुधवार को जिंदगी की जंग हार गए। उन्हें कुछ दिन पहले डेंगू हो गया था। इसके बाद इलाज के लिए चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने आज आखिरी सांस ली। परिजनों के मुताबिक उनको दिल का दौरा भी पड़ा था। उनकी बेटी विदेश में है। बेटी के वापस आने बाद ही उनका संस्कार किया जाएगा।
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पंजाब में आतंकवाद के समय में गुरमीत सिंह पिंकी को पुलिस का मुखबिर माना जाता था। उस समय आतंकियों को पकड़ने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उसकी सेवाओं को देखकर बाद में उन्हें पुलिस इंस्पेक्टर बना दिया गया था। उन्होंने पूर्व सीएम बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषियों को काबू करने में अहम भूमिका निभाई थी।
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हालांकि साल 2001 में उन्होंने लुधियाना में एक युवक को रास्ता पूछने के बहाने गोली मार दी थी। इस आरोप में उन्हें उम्रकैद हुई थी। हालांकि उसके बाद वह जेल से बाहर आ गए थे। इसके बाद उन्हें नौकरी पर बहाल कर दिया था, लेकिन मामला मीडिया में आने के बाद उन्हें फिर बर्खास्त कर दिया था।
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वे पहले पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के करीबी रहे थे, लेकिन जब कोरोना काल में साल 1991 में एक युवक की हत्या का मामला सैनी पर दर्ज हुआ था, तो उस केस में वे उनके खिलाफ गवाह बने थे। उन्होंने यहां तक दावा किया था कि आतंकवाद के समय में 52 फर्जी एनकाउंटर हुए हैं जिसके उनके पास अहम सबूत हैं। उनका खरड़ में अपना फाॅर्म हाउस है, लेकिन पता चला है कि वह कुछ समय से चंडीगढ़ में रह रहे थे।