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कैबिनेट की मंजूरी : अमृतसर रेल हादसे के शिकार 34 परिवारों के एक-एक सदस्य को पंजाब सरकार देगी नौकरी
Mon, 01 Mar 2021 11:06 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 01 Mar 2021 11:06 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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पंजाब मंत्रिमंडल ने अमृतसर रेल हादसे के मृतकों के पारिवारिक सदस्यों को उनकी योग्यता के मुताबिक अलग-अलग विभागों और संस्थाओं में नौकरियां देने की मंजूरी दे दी है। यह रेल हादसा 19 अक्तूबर, 2018 को अमृतसर में जोड़ा फाटक पर दशहरे वाले दिन हुआ था। इसमें 58 व्यक्तियों की मौत हो गई थी जबकि 71 जख्मी हो गए थे।
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मृतकों के पारिवारिक सदस्य अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए राज्य की मौजूदा नीति के दायरे में नहीं आते थे। इस संबंध में अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने विचार किया। इसके बाद फैसला किया गया कि नियमों में ढील देते हुए 58 मृतकों के 34 परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
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मंत्रिमंडल ने रेरा-2016 के लिए मौजूदा अधिनियमों में संशोधन को मंजूरी
रियल इस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट-2016 के साथ एक समानता लाने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने सोमवार को ‘द पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-1995’, ‘द पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट-1995’ और ‘द पंजाब अपार्टमेंट ऑनरशिप एक्ट-1995’ में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
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ग्रामीण मेडिकल अफसरों के 507 खाली पद स्वास्थ्य विभाग को होंगे स्थानांतरित
मंत्रिमंडल ने सब्सिडियरी स्वास्थ्य केंद्रों के ग्रामीण मेडिकल अफसरों (आरएमओ) के 507 खाली पदों के साथ-साथ पैरा-मेडिकल और दर्जा-4 के ठेका आधारित पद ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग से वापस स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में ट्रांसफर करने को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के मुताबिक, मौजूदा समय में कार्यरत आरएमओ, जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विलय चाहते हैं, को इस शर्त पर जाने की मंजूरी दी जाएगी कि उनकी वरिष्ठता स्वास्थ्य विभाग में उपस्थित होने की तारीख से गिनी जाएगी न कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में नियमित होने की तारीख से। इसके अलावा अन्य सभी लाभ उनको स्वास्थ्य विभाग में विलय होने की तारीख से दिए जाएंगे।
आरएमओ की तरफ से विलय होने के लिए निर्धारित शर्तें/हिदायतों संबंधी लिखित सहमति देने के बाद ही वह विलय होंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल ने आरएमओ, पैरा-मेडिकल व दर्जा-4 स्टाफ के वेतन, बिल्डिंग, बिजली के बिल और अन्य साजो-सामान पर होने वाले खर्च के भुगतान स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किए जाने की भी मंजूरी दे दी है।