{"_id":"5af1f5564f1c1b9b098b8d74","slug":"punjab-government-will-provide-jobs-and-financial-help-to-families-of-the-punjabis-killed-in-mosul","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बड़ा फैसला, मोसुल में मारे गए पंजाबियों के परिजनों को मिलेगी नौकरी और आर्थिक मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ा फैसला, मोसुल में मारे गए पंजाबियों के परिजनों को मिलेगी नौकरी और आर्थिक मदद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 May 2018 09:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब मंत्रिमंडल ने इराक के मोसुल में मारे गए पंजाबियों के पारिवारिक सदस्यों को करुणा के आधार पर वित्तीय सहायता और रोजगार देने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
राज्य सरकार ने इराक में मारे गए व्यक्तियों के एक आश्रित को उसकी शैक्षिक योग्यता और सरकार की नीति के मुताबिक नौकरी देने के अलावा पांच लाख रुपये एक्स -ग्रेशिया मदद देने का फैसला किया है। सरकार ने रोजगार मुहैया करवाए जाने तक पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष में से 20 हजार रुपये प्रति माह पेंशन जारी रखने का भी फैसला किया है।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने इराक में मारे गए व्यक्तियों के एक आश्रित को उसकी शैक्षिक योग्यता और सरकार की नीति के मुताबिक नौकरी देने के अलावा पांच लाख रुपये एक्स -ग्रेशिया मदद देने का फैसला किया है। सरकार ने रोजगार मुहैया करवाए जाने तक पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष में से 20 हजार रुपये प्रति माह पेंशन जारी रखने का भी फैसला किया है।
विज्ञापन
मौजूदा नीति में दी गई ढील
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर 26 पंजाबियों के पारिवारिक सदस्यों को पांच लाख रुपये एक्स-ग्रेशिया के हिसाब से मुख्यमंत्री राहत कोष में से 1.30 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। रिकार्ड मुताबिक इराक में मारे गए एक व्यक्ति का कानूनी तौर पर कोई वारिस नहीं है।
मौजूदा नीति में दी गई ढील
इराक में मारे गए पंजाबियों के पारिवारिक सदस्यों को करुणा के आधार पर नौकरी देने का केस सरकार की नीति के दायरे में नहीं आता था। इसके लिए कैबिनेट ने 21 नवंबर, 2002 में नोटीफाई की गई राज्य सरकार की मौजूदा नीति में ढील देने का फैसला किया। हालांकि इस नीति की बाकी शर्ते बरकरार रहेंगी।
मौजूदा नीति में दी गई ढील
इराक में मारे गए पंजाबियों के पारिवारिक सदस्यों को करुणा के आधार पर नौकरी देने का केस सरकार की नीति के दायरे में नहीं आता था। इसके लिए कैबिनेट ने 21 नवंबर, 2002 में नोटीफाई की गई राज्य सरकार की मौजूदा नीति में ढील देने का फैसला किया। हालांकि इस नीति की बाकी शर्ते बरकरार रहेंगी।