कोटकपूरा गोलीकांड : पंजाब सरकार हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में देगी चुनौती
- एसआईटी की जांच रद्द करने व टीम प्रमुख को हटाने के पक्ष में नहीं मुख्यमंत्री
- जांच को कानूनी निष्कर्ष पर ले जाएंगे, कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा : कैप्टन
विस्तार
कोटकपूरा गोलीकांड केस में जांच को पूरी तरह निष्पक्ष करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार पंजाब पुलिस की एसआईटी की जांच रद्द करने या इसके प्रमुख को हटाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। शनिवार को इस संबंध में मीडिया रिर्पोटों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार की लीगल टीम को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने पर तुरंत केस की जांच-पड़ताल करने का आदेश दिया है। उन्होंने टीम को यह भी आदेश दिया है कि यदि एसआईटी को रद्द करने या इसके प्रमुख को हटाने के आदेश दिया है तो इसे सर्वोच्च अदालत में चुनौती देने के लिए केस तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको दिल्ली से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा के नेतृत्व वाली राज्य की कानूनी विशेषज्ञों की टीम पर पूरा भरोसा है, जो इस केस में हाईकोर्ट में पेश हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को कानूनी निष्कर्ष पर ले जाया जाएगा और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह राजनीतिक तौर पर कितना भी ताकतवर या प्रभाव रखने वाला हो। उन्होंने लंबे समय से इंसाफ का इंतजार कर रहे गोलीकांड के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने समेत उनकी सरकार के प्रत्येक वादे को पूरा करने की अपनी वचनबद्धता दोहराई।
कुंवर विजय प्रताप बहुत योग्य अधिकारी : कैप्टन
एसआईटी प्रमुख कुंवर विजय प्रताप सिंह और उनकी निगरानी में अब तक की गई जांच में पूरा विश्वास प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बहुत ही योग्य और तजुर्बेकार अधिकारी हैं, जो विशेष जांच टीम के गठन के समय से लेकर केस पर शिद्दत से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसआईटी ने पूरी तरह निष्पक्ष और पक्षपात रहित जांच की है।
कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार को इस चरण पर अधिकारी बदलना या नए सिरे से एसआईटी का गठन करना मंजूर नहीं है। जांच बहुत आगे बढ़ चुकी है और बरगाड़ी की बेअदबी घटना के बाद 2015 की घटना के केस में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ चार चालान पहले ही दायर किए जा चुके हैं और अंतिम रिपोर्टें भी सेशन अदालत में सुनवाई के लिए दायर की गई हैं।
कैप्टन ने की सुखबीर की अलोचना
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के लिए शिअद प्रधान सुखबीर बादल की निंदा की। उन्होंने बादलों के खिलाफ राजनीतिक बदलाखोरी के आरोपों को पूरी तरह अनुचित और बेबुनियाद बताया और कहा कि अगर उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को ऐसे घटिया हथकंडे इस्तेमाल करके तंग करना होता तो सत्ता संभालने के बाद तुरंत ऐसा कर दिया होता और अब तक उनको बख्शा न होता। उन्होंने कहा कि यदि मैं और मेरी पार्टी निष्पक्ष तरीके से मुकदमा चलाने में यकीन रखते हैं, तभी पंजाब में हर विरोधी पार्टी और नेता बिना किसी डर के मेरी सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
कैप्टन दोषियों को पकड़ने के बजाय बादल परिवार को फंसाने में लगे रहे : सुखबीर
सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कृषि कानूनों के मसले पर केंद्र सरकार के साथ मिलीभगत कर पंजाब के हितों से समझौता करने के लिए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से कोटकपूरा गोलीकांड मामले में कांग्रेस सरकार द्वारा गठित एसआईटी को रद्द करने से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री आरोपियों को पकड़ने के बजाय बादल परिवार को फंसाने के लिए इस मामले का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब स्पष्ट हो गया है एसआईटी का गठन राजनीतिक बदले की भावना से किया गया था। उन्होंने कहा कि हम पहले दिन से ही यह कह रहे हैं कि पूरी जांच दुर्भावनापूर्ण इरादे से की जा रही है।