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गन्ना किसानों को राहत देगी पंजाब सरकार, प्रति क्विंटल 25 रुपये का करेगी भुगतान

Thu, 06 Dec 2018 01:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 06 Dec 2018 01:33 AM IST
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punjab government take step to give relief after protest of sugarcane farmers
- फोटो : फाइल फोटो

बकाया राशि और गन्ने की पेराई न होने से नाराज किसानों को पंजाब सरकार ने बड़ी राहत दी है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एलान किया कि गन्ना किसानों को प्रति क्विंटल 25 रुपये की राशि का भुगतान किया जाएगा। साथ ही किसानों के बकाए के भुगतान के लिए भी निजी चीनी मिल मालिकों द्वारा लिए कर्ज पर ब्याज के रूप में 65 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने का एलान भी किया। मुख्यमंत्री ने निजी चीनी मिलों को गन्ने की पेराई तुरंत शुरू करने के आदेश दिए, जो पहले ही दो हफ्ते पिछड़ गई है।

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मुख्यमंत्री ने एलान किया कि राज्य सरकार की तरफ से स्टेट ऐश्योर्ड प्राइस (एसएपी) की 310 रुपये प्रति क्विंटल की राशि में से 25 रुपये प्रति क्विंटल सीधे तौर पर किसानों को अदा किए जाएंगे, जबकि बाकी 285 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किसानों को निजी चीनी मीलों की तरफ से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह फैसला बुधवार को दोपहर बाद निजी मिल मालिकों के साथ हुई बैठक के दौरान लिया।

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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन ने वित्त कमिश्नर (विकास) को गन्ना पिराई का काम शुरू कराने के अलावा चीनी मिल मालिकों और राज्य सरकार के बीच हुए समझौते को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने के लिए कहा है। 2015-16 के पिराई सीजन से जुड़ी किसानों की अदायगी के निपटारे के लिए प्राइवेट चीनी मिल मालिकों की तरफ से लिए 200 करोड़ रुपये के कर्ज का ब्याज वहन करने के लिए साल 2015 में किए वादे के अनुसार मुख्यमंत्री ने ब्याज की लगभग 65 करोड़ रुपये की राशि सीधे तौर पर किसानों को जारी करने का एलान किया। 

 इस मौके पर निजी चीनी मिल मालिकों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिया कि 2017-18 के पिराई सीजन की किसानों की बकाया राशि जल्द अदा कर दी जाएगी। बैठक में कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, एडवोकेट जनरल अतुल नंदा, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, वित्त कमिश्नर (विकास) विश्वजीत खन्ना, प्रमुख सचिव (वित्त) अनिरुद्ध तिवारी और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में निजी मिल मालिकों में रजिंदर सिंह चड्ढा, कमल ओसवाल, राणा इंद्र प्रताप सिंह, जरनैल सिंह वाहिद और कुनाल यादव शामिल थे।

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