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सहायक प्रोफेसर के नए वेतनमान को लेकर पंजाब सरकार पर बढ़ा दबाव, वापस हो सकते हैं आदेश

Mon, 01 Mar 2021 02:43 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 01 Mar 2021 02:43 AM IST
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Punjab government's pressure on new pay scale of assistant professor, order may be withdrawn
चंडीगढ़। सहायक प्रोफेसरों के नए वेतनमान पर शुरू हुआ हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। वेतनमान कम होने पर शिक्षक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पंजाब सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सरकार इस मामले में नरम पड़ती नजर आ रही है। शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान सरकार के एक बड़े अफसर ने जल्द ही सहायक प्रोफेसरों को राहत देने के संकेत दिए हैं। हालांकि, शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार आदेश वापस नहीं लेती चरणबद्ध तरीके से चल रहा प्रदर्शन जारी रहेगा। चार मार्च को चंडीगढ़ में एक राज्यस्तरीय रैली होगी। इसमें शिक्षक अपनी ताकत दिखाएंगे। रैली में चंडीगढ़ के अलावा पंजाब के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों से बड़ी संख्या में शिक्षक हिस्सा लेने पहुंचेंगे।
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शिक्षकों के मुताबिक, यूजीसी सहायक प्रोफेसर को 6000 ग्रेड पे देती है। इसके जरिए वेतन 70 हजार से अधिक पहुंच जाता है लेकिन अब पंजाब सरकार की ओर से कुल वेतन 56100 तय किया गया है। इसके मुताबिक ग्रेड पे लगभग 5400 हो गया। ऐसे में सहायक प्रोफेसरों का वेतन कम हो जाएगा। हालांकि तीन साल तक इन शिक्षकों को बेसिक पे अधिक मिलेगी लेकिन तीन साल के बाद वेतन कम हो जाएगा। शिक्षकों के मुताबिक, इससे नुकसान अधिक होगा। यह आदेश सभी सरकारी कॉलेजों को पंजाब सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। नई तैनाती पर यही वेतन दिया जाना प्रस्तावित है। सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में उबाल है और चरणबद्ध तरीके से पंजाब, चंडीगढ़ में प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
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पंजाब सरकार के इस आदेश से पीयू समेत 196 कॉलेज प्रभावित होंगे। इन सभी कॉलेजों में हर साल सहायक प्रोफेसर रखे जाते हैं। इनको अब तक यूजीसी से तय मानकों के मुताबिक वेतन मिलता आया है लेकिन नए आदेश के मुताबिक इनका वेतन इनका कम हो जाएगा। शिक्षकों को शुरूआती तीन साल में तो पूरा वेतन मिलेगा लेकिन तीन साल के बाद जैसे ही वह स्थायी होंगे तो उन्हें कम वेतन समेत कई नुकसान उठाने होंगे।
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नुकसान बर्दाश्त नहीं करेंगे शिक्षक
पंजाब विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव अमरजीत सिंह नौरा कहते हैं कि पंजाब सरकार ने नए वेतनमान के जो आदेश जारी किए हैं, उससे हर साल लगने वाले इंक्रीमेंट पर भी प्रभाव पड़ेगा। इंक्रीमेंट कम लगेगा। दस साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को पिछली सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। एरियर आदि का भी नुकसान होगा। शिक्षक यह नुकसान बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब सरकार के एक बड़े अधिकारी से मिला, जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस आदेश को वापस लिया जा सकता है। अमरजीत सिंह नौरा ने कहा कि जब तक आदेश वापस नहीं होता हम चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन करते रहेंगे। चार मार्च को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रैली का आयोजन होगा।
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