फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Government Release Funds of Various Schemes to Panchayat of A Village Which is Not in Government Records

अनोखा केस: पंजाब सरकार ऐसे गांव को देती रही ग्रांट जिसका अस्तित्व ही नहीं, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

Tue, 12 Oct 2021 11:09 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 12 Oct 2021 11:09 PM IST
सार

इस गांव को 2015-16 से 2019-20 के बीच पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के 13वें और 14वें वित्त आयोग, एमपी लैड, मनरेगा आदि की ग्रांट जारी हुई हैं। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने पिछले साल पांच मार्च को लीगल नोटिस भेजकर कार्रवाई की मांग की थी जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

विज्ञापन
Punjab Government Release Funds of Various Schemes to Panchayat of A Village Which is Not in Government Records
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपनी तरह के अलग मामले में पंजाब सरकार ऐसे गांव की पंचायत को विभिन्न योजनाओं का फंड जारी करती रही जो सरकारी रिकॉर्ड में ही नहीं है। जालंधर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस पर अपनी रिपोर्ट पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सौंप दी है। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को याची को दिखाने का आदेश दिया है। याची इसे देखने के बाद अगली सुनवाई पर इस पर बहस करेगा। 

विज्ञापन


नूरमहल निवासी पूरन सिंह और गुरनाम सिंह ने सीनियर एडवोकेट बलतेज सिद्धू के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि दिव्य ग्राम नाम का कोई गांव ही नहीं है और ऐसा कोई गांव सरकार के राजस्व दस्तावेज में भी मौजूद नहीं है। इस सब के बावजूद इस गांव की पंचायत के नाम पर पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के 13वें और 14वें वित्त आयोग, एमपी लैड, मनरेगा आदि के फंड जारी किए जा रहे हैं। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - पंजाब: मोरिंडा में सीएम आवास के बाहर झड़प, पथराव में डीएसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल 
विज्ञापन
विज्ञापन


याची ने बताया कि इस बारे में तथ्य जुटाने के लिए उन्होंने पीएसपीसीएल से आरटीआई में जानकारी मांगी और पूछा कि इस गांव में बिजली के कितने कनेक्शन दिए गए हैं। जवाब में पीएसपीसीएल ने बताया कि उनकी ओर से यहां न तो कोई बिजली का कनेक्शन जारी किया गया है और न ही कोई ट्रांसफॉर्मर लगाने की जानकारी है। इसके बाद तहसीलदार से इस गांव के बारे में जानकारी मांगी गई तो, तहसीलदार ने जवाब में बताया कि ऐसा कोई गांव सरकार के राजस्व दस्तावेज में ही नहीं है। 

बीडीपीओ से जानकारी मिली कि इस गांव को 2015-16 से 2019-20 के बीच पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के 13वें और 14वें वित्त आयोग, एमपी लैड, मनरेगा आदि की ग्रांट जारी हुई हैं। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने पिछले साल पांच मार्च को लीगल नोटिस भेजकर कार्रवाई की मांग की थी जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट से गुहार लगाई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed