Punjab: एक्स-इंडिया लीव के नियम हुए सख्त, अब विदेश जाकर छुट्टी नहीं बढ़ा सकेंगे पंजाब के मुलाजिम
पंजाब के सरकारी विभागों में एक्स-इंडिया लीव पर जाने वाले मुलाजिमों की संख्या काफी ज्यादा है, क्योंकि अधिकांश मुलाजिमों के परिजन और रिश्तेदार विदेशों में बसे हैं। पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए मुलाजिम एक्स-इंडिया लीव लेते हैं।
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पंजाब सरकार ने मुलाजिमों के एक्स-इंडिया लीव पर जाने के नियमों को और सख्त कर दिया है। अब विदेश जाने के लिए छुट्टी मांगने वाले मुलाजिमों को विदेश जाने का कारण और विदेश में किसके यहां जा रहे हैं, की सबूत समेत जानकारी भी देनी होगी। जितनी अवधि की छुट्टी मांगी गई होगी, उसमें एक्सटेंशन नहीं मिल सकेगा और मुलाजिम को छुट्टी पूरी होने के बाद ड्यूटी ज्वाइन करनी होगी।
सरकार द्वारा जारी नई हिदायतों के अनुसार, एक्स-इंडिया लीव के लिए आवेदन करते समय यह भी बताना होगा कि लीव की अवधि के दौरान उनके स्थान पर काम की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। ऐसे मुलाजिम जिनके खिलाफ अनुशासनहीनता समेत किसी भी तरह की विभागीय जांच, विजिलेंस जांच या पहले ली गई एक्स-इंडिया लीव के दौरान विदेश के छुट्टी बढ़ाने का कोई रिकॉर्ड है तो आवेदन स्वीकार नहीं होगा। हालांकि आवेदन करते समय यह हलफनामा भी देना होगा कि आवेदक के पास कोई विदेशी पीआर कार्ड, ग्रीन कार्ड, वर्क परमिट या इमीग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं है और वह विदेश में अपनी छुट्टियां बिताकर तय समय पर ड्यूटी पर लौट आएगा। आवेदक को यह भी बताना होगा कि वह संबंधित देश में किससे मिलने जा रहा है। इसके लिए आवेदक को सबूत सहित जानकारी देनी होगी।
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गौरतलब है कि पंजाब के सरकारी विभागों में एक्स-इंडिया लीव पर जाने वाले मुलाजिमों की संख्या काफी ज्यादा है, क्योंकि अधिकांश मुलाजिमों के परिजन और रिश्तेदार विदेशों में बसे हैं। पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए मुलाजिम एक्स-इंडिया लीव लेते हैं, लेकिन पिछली सरकार के समय एक्स-इंडिया लीव के बारे में की गई समीक्षा में यह सामने आया था कि अनेक कर्मचारी एक्स-इंडिया लीव पर जाने के बाद सालों-साल वापस नहीं लौटते और मेडिकल ग्राउंड के आधार पर लगातार अपनी छुट्टी बढ़ाते रहते हैं। इस दौरान कई मामले ऐसे भी उजागर हुए कि छुट्टी बढ़ाने वाले मुलाजिम विदेश में नौकरी करते हैं और कुछ साल बाद भारत लौटकर सरकारी कर्मचारी के रूप में दोबारा सभी लाभ हासिल कर लेते हैं। वहीं, मुलाजिमों के उक्त अवकाश के कारण संबंधित विभाग में कामकाज प्रभावित होता है और ऐसे मुलाजिम के स्थान पर नई भर्ती भी नहीं हो पाती।