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पंजाब सरकार नहीं निकाल रही सातवें वेतनमान का हल, शिक्षा व्यवस्था चौपट

Mon, 03 Jan 2022 01:54 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 03 Jan 2022 01:54 AM IST
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Punjab government is not working on the solution of seventh pay scale, education system collapsed
पंजाब के लिए जरूरी...
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पंजाब सरकार नहीं निकाल रही सातवें वेतनमान का हल, शिक्षा व्यवस्था चौपट
- चंडीगढ़ से लेकर पंजाब के विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में शिक्षण कार्य एक माह से चल रहा बंद
- शिक्षकों का प्रदर्शन रविवार को भी जारी, कहा- सरकार को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं रहा
क्रॉसर
1500 से अधिक शिक्षक चंडीगढ़ में हड़ताल पर
100 से अधिक पंजाब के कॉलेजों के आठ हजार शिक्षक कर रहे धरना-प्रदर्शन
800 से अधिक शिक्षक पंजाब के तीनों विश्वविद्यालयों के सड़कों पर
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पहले ही कोरोना के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित चल रही है और अब शिक्षकों की हड़ताल के कारण चौपट हो गई है। सातवें वेतनमान की मांग को लेकर शिक्षक एक माह से शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं, पर पंजाब सरकार नहीं जाग रही है। कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। शिक्षकों में उबाल लगातार बढ़ रहा है। शिक्षाविदों का कहना है कि पंजाब सरकार को शिक्षकों की मांगों पर ध्यान देना होगा अन्यथा शिक्षा को और बड़ा नुकसान होगा। लाखों छात्रों के भविष्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उधर, शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। पंजाब सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
इस तरह चल रहा है संघर्ष
चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी के अलावा दस से अधिक कॉलेजों के 1500 से अधिक शिक्षक हड़ताल पर हैं जो एक माह से शिक्षण कार्य का बहिष्कार किए हुए हैं। इसी तरह पंजाब के 100 से अधिक कॉलेजों के आठ हजार से अधिक शिक्षक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के तीन विश्वविद्यालयों के 800 से अधिक शिक्षक भी सड़कों पर है यानी हर डिग्री कॉलेज व विश्वविद्यालय पूरी तरह प्रभावित हैं। छात्र कैंपस आते हैं, लेकिन माहौल देखकर चले जाते हैं। शोध से लेकर पढ़ाई का कार्य तक पूरी तरह प्रभावित है। शिक्षकों ने इसे संभालने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उनके सामने हित की बात आ रही है। उनका तर्क है कि वह अपने हक के लिए अगर बिना जीते लौटते हैं तो इसका संदेश उनके विद्यार्थियों में बुरा जाएगा, क्योंकि विद्यार्थी शिक्षकों से ही सीख लेते हैं और संघर्ष करना सीखते हैं। यही कारण रहा कि पंजाब व चंडीगढ़ के कॉलेजों के तमाम विद्यार्थी भी शिक्षकों के समर्थन में उतर आए। विद्यार्थियों ने भी कहा है कि उनका नुकसान हो रहा है, इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। अब तक शिक्षण कार्य बहाल कर देना चाहिए था, लेकिन सरकार खुद नहीं चाहती शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौटे।
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पुटा अध्यक्ष बोले- संघर्ष और तेज होगा, मांग मनवाकर ही दम लेंगे
रविवार को बड़ी संख्या में शिक्षक पीयू कैंपस में एकत्रित हुए। उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। पुटा अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार का कहना है कि अब तो संघर्ष तेज होगा। शिक्षक अपनी मांग को मनवाकर ही दम लेंगे। सचिव प्रो. अमरजीत सिंह नौरा का कहना है कि पंजाब सरकार को शिक्षा से शायद मतलब नहीं रहा, यही कारण है कि उन्होंने शिक्षकों की मांगों पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। शिक्षक पूरी तरह लंबे संघर्ष के लिए तैयार हैं। जीत आखिर में शिक्षकों की ही होगी। हम नहीं चाहते कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो पर उनके हक की बात सामने आ गई है।
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