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पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की अग्रिम जमानत के खिलाफ पंजाब सरकार पहुंची हाईकोर्ट, जानिए मामला
Sat, 18 Jul 2020 10:43 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 18 Jul 2020 10:43 AM IST
सार
- सैनी की याचिका पर मोहाली जिला अदालत ने दी अग्रिम जमानत
- बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण मामले में फंसे हैं पूर्व डीजीपी सैनी
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विस्तार
1991 के बलवंत सिंह मुल्तानी अपहरण मामले में फंसे पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को मोहाली की जिला अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। पंजाब सरकार ने दायर याचिका में हाईकोर्ट को बताया है कि सुमेध सिंह सैनी को मिली अग्रिम जमानत से मामले की जांच प्रभावित हो गई है।
कहा गया है कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है, जबकि इस मामले में पूर्व डीजीपी सहित अन्य आरोपी अधिकारियों पर हिरासत में बंद आरोपियों के खिलाफ जघन्य और गंभीर अपराध करने के आरोप हैं। पंजाब सरकार ने कहा है कि सैनी का पुलिस में काफी प्रभाव रहा है और वह काफी प्रभुत्वशाली अधिकारी रहे हैं, उन्हें अग्रिम जमानत दिए जाने से वह इस पुरे मामले की न सिर्फ जांच बल्कि गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें दी गई अग्रिम जमानत रद्द किया जाना बेहद जरूरी है।
यह है मामला
1991 में सैनी जब चंडीगढ़ के एसएसपी थे तब यहां के एक आतंकी हमले की जांच के दौरान पुलिस ने बलवंत मुल्तानी को दिसंबर में उसके घर से हिरासत में लिया था। आरोप है कि सैनी के आदेश पर पुलिस ने सेक्टर 11 और सेक्टर 17 के थानों में उसे बुरी तरह टॉर्चर किया था। 1991 में बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण के मामले में मोहाली पुलिस ने मई, 2020 में एफआईआर दर्ज की थी। मोहाली जिला अदालत ने सैनी को इस मामले में 11 मई को अग्रिम जमानत दे दी थी।
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कहा गया है कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है, जबकि इस मामले में पूर्व डीजीपी सहित अन्य आरोपी अधिकारियों पर हिरासत में बंद आरोपियों के खिलाफ जघन्य और गंभीर अपराध करने के आरोप हैं। पंजाब सरकार ने कहा है कि सैनी का पुलिस में काफी प्रभाव रहा है और वह काफी प्रभुत्वशाली अधिकारी रहे हैं, उन्हें अग्रिम जमानत दिए जाने से वह इस पुरे मामले की न सिर्फ जांच बल्कि गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें दी गई अग्रिम जमानत रद्द किया जाना बेहद जरूरी है।
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यह है मामला
1991 में सैनी जब चंडीगढ़ के एसएसपी थे तब यहां के एक आतंकी हमले की जांच के दौरान पुलिस ने बलवंत मुल्तानी को दिसंबर में उसके घर से हिरासत में लिया था। आरोप है कि सैनी के आदेश पर पुलिस ने सेक्टर 11 और सेक्टर 17 के थानों में उसे बुरी तरह टॉर्चर किया था। 1991 में बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण के मामले में मोहाली पुलिस ने मई, 2020 में एफआईआर दर्ज की थी। मोहाली जिला अदालत ने सैनी को इस मामले में 11 मई को अग्रिम जमानत दे दी थी।
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