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9500 करोड़ के जीएसटी बकाये के लिए पंजाब ने मानी केंद्र सरकार की शर्तें
Sat, 26 Dec 2020 02:59 PM IST
निवेदिता वर्मा
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 26 Dec 2020 02:59 PM IST
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पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत बादल।
- फोटो : फाइल फोटो
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जीएसटी बकाया का लंबे समय तक इंतजार करने और कोविड संकट के कारण पंजाब में राजस्व उगाही में आई भारी गिरावट के चलते आखिरकार प्रदेश सरकार ने केंद्र की शर्तें मान ली हैं। इसके तहत पंजाब को न सिर्फ जीएसटी की बकाया कुछ राशि केंद्र से मिल जाएगी, बल्कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 0.5 फीसदी अतिरिक्त कर्ज बाजार से उठाने की अनुमति भी मिल गई है।
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पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के अनुसार, अक्तूबर तक केंद्र की तरफ पंजाब सरकार का 9500 करोड़ रुपये जीएसटी बकाया है। इस अवधि तक के राज्य सरकार के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, कोविड संकट के बीच राजस्व उगाही को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीएसटी कलेक्शन का जो लक्ष्य तय किया था, वह अक्तूबर बीत जाने पर आधा भी कवर नहीं हो सका है। 15,858 करोड़ के लक्ष्य में से अभी तक सरकार को 9044 करोड़ रुपये ही हासिल हुए हैं। इसी तरह अन्य करों की वसूली में भी बीते साल की अपेक्षा कमी आई है।
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जीएसटी बकाये को लेकर, केंद्र सरकार की शर्तें मान लिए जाने के बाद पंजाब सरकार को अब केंद्र से 8359 करोड़ रुपये मिलेंगे, वहीं जीएसडीपी के अतिरिक्त 0.5 फीसदी कर्ज के तौर पर पंजाब सरकार बाजार से और 3033 करोड़ रुपये उधार ले सकेगी।
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केंद्र सरकार ने जीएसटी बकाये की राशि में से पंजाब को 1385.96 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। हालांकि यह पैसा भी साप्ताहिक किश्तों में दिया जा रहा है। अक्तूबर, 2020 तक जीएसटी के बकाये में से इस महीने 1, 7 और 14 दिसंबर को क्रमश: 475.80 करोड़, 455.08 करोड़ और 455.08 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि इस साल अप्रैल के बाद केंद्र की तरफ से पंजाब सरकार को जीएसटी बकाया की यह पहली अदायगी है। जबकि कोविड संकट के चलते राज्य सरकार बार-बार केंद्र से आग्रह करती रही।
यह लगाई थीं केंद्र सरकार ने शर्तें
हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में पंजाब सरकार ने जीएसडीजी का 0.5 फीसदी अतिरिक्त कर्ज हासिल करने के लिए केंद्र सरकार की उस शर्त पर सहमति जताई, जिसके तहत पंजाब कांट्रेक्ट लेबर (रेगुलेशन एंड एबोलिशन) रूल्स, 1973 के नियम 29 में संशोधन और नया नियम 78-ए शामिल करने को मंजूरी दी गई। केंद्रीय वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) द्वारा 17 मई, 2020 को जीएसडीपी का 2 प्रतिशत अतिरिक्त उधार लेने के पंजाब के आग्रह पर कुछ शर्तें लगाई थीं, जिनमें एक शर्त, श्रम कानूनों के स्वत: नवीनीकरण की थी।
मौजूदा समय में पंजाब कांट्रेक्ट लेबर (रेगुलेशन एंड एबोलिशन) रूल्स, 1973 नियम के तहत लाइसेंस स्वत: नवीनीकरण का कोई उपबंध नहीं था। उद्योगों को सुविधा देने के लिए स्वत: नवीनीकरण के उपबंध के लिए नियमों में संशोधन करने की जरूरत है। इससे पहले, पंजाब सरकार द्वारा जीएसटी के बकाये के लिए बार-बार अनुरोध करने के बावजूद केंद्र सरकार ने यह कहते हुए नई शर्त लगा दी थी कि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों का बकाया चुकाने के लिए केंद्र सरकार 1.10 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी लेकिन बाकी बचे 73 हजार करोड़ रुपये का संबंधित सरकारें खुद ही प्रबंध करें और खुद ही इस राशि का ब्याज भी चुकाएं। भाजपा शासित राज्यों ने तो इस शर्त को मान लिया था लेकिन पंजाब समेत विपक्षी दलों की सरकारों वाले राज्य पीछे हट गए थे।