{"_id":"5b9653f6867a557ed1018563","slug":"punjab-girl-sold-in-saudi-arab-returned-back-with-help-of-sp-oberoi","type":"story","status":"publish","title_hn":"तस्करों के साथ मिलकर ट्रेवल एजेंट ने बेची 26 साल की युवती, ये शख्स बना मसीहा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तस्करों के साथ मिलकर ट्रेवल एजेंट ने बेची 26 साल की युवती, ये शख्स बना मसीहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Mon, 10 Sep 2018 04:53 PM IST
विज्ञापन
girl sold
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय तस्करों और ट्रेवल एजेंटों की मिलीभगत से बेची गई पंजाब की एक 26 वर्षीय लड़की सरबत का भला ट्रस्ट के प्रधान एसपीएस ओबराय की कोशिशों से देश लौट आई है। गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट राजासांसी पहुंची युवती ने बताया कि वह जालंधर के गांव की रहने वाली है। मां बाप गरीब थे, उसका कोई भाई नहीं था।
परिवार को गुरबत से निकालने के लिए उसने ट्रेवल एजेंट सुखदेव सिंह तलवंडी से बात की तो उसने 90 हजार रुपये में विदेश में काम दिलाने का झांसा दिया। उस पर भरोसा करते हुए वह बाहर जाने के लिए तैयार हो गई। एजेंट ने उसे अरब अमीरात भेज दिया। इसके बाद उसे ओमान-मस्कट के एक जमींदार को बेच दिया गया। वहां उसने नौ माह नर्क भरी जिंदगी बिताई।
बेटी की कोई खबर न मिलने पर परिजनों ने सरबत का भला ट्रस्ट के प्रधान एसपीएस ओबराय से संपर्क किया। इसके बाद एसपीएस ओबराय ने उसे अपनी जेब से पैसा खर्च करवाकर छुड़वाया। उनके प्रयास से सोमवार को नौ माह बाद वह अपने परिवार से मिल पाई। उसने भारत सरकार से अपील की है कि फ्राड करने वाले ट्रेवल एजेंटों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। युवती को एयरपोर्ट पर लेने के लिए उसके पिता, मां, बहन और जीजा पहुंचे हुए थे।
विज्ञापन
इस अवसर पर सरबत का भला ट्रस्ट के सुखजिंदर सिंह हेर, मनप्रीत सिंह और शीशपाल सिंह लाडी उपस्थित थे।
विज्ञापन
परिवार को गुरबत से निकालने के लिए उसने ट्रेवल एजेंट सुखदेव सिंह तलवंडी से बात की तो उसने 90 हजार रुपये में विदेश में काम दिलाने का झांसा दिया। उस पर भरोसा करते हुए वह बाहर जाने के लिए तैयार हो गई। एजेंट ने उसे अरब अमीरात भेज दिया। इसके बाद उसे ओमान-मस्कट के एक जमींदार को बेच दिया गया। वहां उसने नौ माह नर्क भरी जिंदगी बिताई।
विज्ञापन
बेटी की कोई खबर न मिलने पर परिजनों ने सरबत का भला ट्रस्ट के प्रधान एसपीएस ओबराय से संपर्क किया। इसके बाद एसपीएस ओबराय ने उसे अपनी जेब से पैसा खर्च करवाकर छुड़वाया। उनके प्रयास से सोमवार को नौ माह बाद वह अपने परिवार से मिल पाई। उसने भारत सरकार से अपील की है कि फ्राड करने वाले ट्रेवल एजेंटों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। युवती को एयरपोर्ट पर लेने के लिए उसके पिता, मां, बहन और जीजा पहुंचे हुए थे।
विज्ञापन
इस अवसर पर सरबत का भला ट्रस्ट के सुखजिंदर सिंह हेर, मनप्रीत सिंह और शीशपाल सिंह लाडी उपस्थित थे।