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पंजाब में घमासान : गृह मंत्रालय ने बंधुआ मजदूरी का लगाया आरोप, किसान बोले- हमें बदनाम कर रहा केंद्र
Fri, 02 Apr 2021 07:26 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 02 Apr 2021 07:26 PM IST
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किसान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के फिरोजपुर जिले के किसानों का कहना है कि भारत-पाक सरहद से सटे गांवों में कोई प्रवासी मजदूरी नहीं कर रहा है, ज्यादातर यहीं के लोग खेती का काम करते हैं। सीमांत गांवों में ऐसा कोई केस नहीं है, जहां प्रवासी मजदूर को नशे की लत लगाकर उसे बंधक बनाकर काम करवाया जा रहा हो।
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केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को बदनाम करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ खुद बाहरी लोगों को सीमांत गांवों में नहीं रहने देती है। बीएसएफ की गांव के प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधियों पर पैनी नजर रहती है। उधर, थाना सदर के प्रभारी कुलविंदर सिंह ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को बंधक बनाकर काम करवाने का मामला आज तक नहीं आया है और न ही ऐसा मामला बीएसएफ ने उन्हें सौंपा है। पूरे जिले में ऐसा कोई मामला नहीं है।
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गांव जल्लोके के किसान गुरदेव सिंह ने कहा कि हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे लगभग 15 गांवों में कोई प्रवासी मजदूर नहीं है, यहां गांव के लोग ही खेत का काम करते हैं। सीमा से सटे गांवों में बीएसएफ बाहरी लोगों को रहने नहीं देती है। किसान दर्शन सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को बदनाम करने की साजिश रच रही है।
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उधर, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक पत्र जारी कर पंजाब के किसानों को बदनाम करने और किसान आंदोलन को प्रभावित करने के लिए नई साजिश रची है। पंजाब के सीमांत जिलों में बिहार व यूपी के जो मजदूर धान की बिजाई के लिए आते हैं, किसान उनकी पूरी देखरेख करते हैं।
पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि नशे की लत लगाकर मजदूरों को बंधक बनाकर खेती का काम करवाया जा रहा है, जबकि बार्डर पर केंद्र सरकार ने बीएसएफ को तैनात कर रखा है। पंजाब में प्रवासी मजदूरों के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो वे पंजाब में काम करने क्यों आएंगे। बीएसएफ की मौजूदगी में पाकिस्तान से हेरोइन कैसे आ रही है। अगर ऐसा है तो यह केंद्र सरकार की नाकामी है।