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पंजाब में ट्रैक से हटे किसान, अब 22 को चलेंगे नया पैंतरा

Wed, 14 Oct 2015 10:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/अमृतसर//रामपुरा फूल/मोगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/अमृतसर//रामपुरा फूल/मोगा Updated Wed, 14 Oct 2015 10:43 AM IST
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punjab farmers protest due to crop destruction

पंजाब में रेल यातायात बहाल हो गया। किसानों ने नई चेतावनी देते हुए 6 दिन बाद रेल रोको आंदोलन खत्म कर दिया, लेकिन उनका आंदोलन अभी जारी रहेगा। किसान नेताओं ने चेताया कि वे आगामी 22 अक्तूबर से किसान सूबे के मंत्रियों और विधायकों की कोठियों का घेराव करेंगे।

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भारतीय किसान यूनियन एकता (डाकौंदा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा कि रेल रोको आंदोलन खत्म होने के बावजूद हक की लड़ाई जारी रहेगी। उधर मोगा में कीरती किसान यूनियन के जिला प्रधान दविंदर सिंह घाली और बलौर सिंह घाली ने सरकार से किसानों को प्रति एकड़ 40 हजार और मजदूरों को 20 हजार रुपये मुआवजा देने और कीटनाशक घोटाले की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
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गौरतलब है कि बीते सोमवार को किसान संगठनों की मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता विफल हो गई थी। किसान नेता सतनाम सिंह ने बताया कि उनके आंदोलन के कारण जनता को काफी परेशान हो रही थी जिसके चलते सांझी कमेटी ने ट्रैक से हटने का फैसला लिया है।
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शिअद-भाजपा ने किया फैसले का स्वागत

punjab farmers protest due to crop destruction

किसान संगठनों के रेल रोको आंदोलन वापस लेने के निर्णय का शिअद और भाजपा ने संयुक्त रूप से स्वागत किया है। पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मदन मोहन मित्तल और शिअद सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदू माजरा ने कहा कि आंदोलन खत्म होने से आम लोगों को राहत मिली है।

मंत्रियों का घर घेरने की घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि यह हर किसी का लोकतांत्रिक अधिकार है। दोनों नेताओं ने कहा कि किसानों की बातें सुनकर उनकी समस्याओं को हल किया जाएगा। साथ ही कहा कि सफेद मक्खी की मार से तबाह हुई कपास की फसल के मामले में हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों व सांसदों के साथ मिलकर केंद्र के पास संयुक्त मांग रखी जाएगी ताकि किसानों की समस्याओं का उचित समाधान हो सके।

उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी से समय लेने की कोशिश की जा रही है। चंदूमाजरा ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय किया है कि अब सभी फसलों के लिए मुआवजा देने के बारे में विचार किया जाएगा। मित्तल ने कहा कि किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिया गया मुआवजा देश में सबसे ज्यादा है।

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