Punjab election 2022: रसूलपुर व बसियाला गांव में नहीं पड़ा एक भी वोट, लोगों ने चुनाव का किया बहिष्कार, वजह भी बताई
पंजाब के होशियारपुर जिले के दो गांवों में लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। यहां किसी भी नागरिक ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया। पूरा गांव धरने पर डटा रहा। इनकी बंद रेलवे फाटक को खुलवाने की मांग है।
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विधानसभा हलका गढ़शंकर के गांव वसियाला और रसूलपुर के लोगो ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। दोनों गाव में एक भी व्यक्ति ने वोट नहीं डाला। दोनों गावों के लोग दो सप्ताह से रेलवे फाटक को बंद करने के मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। लोगों के धरने में कई दलों के नेता भी पहुंचे थे।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहले फाटक खुलवाए तभी दोनों गावों के लोग मत डालेंगे। नेताओं के वादों के बावजूद न रेलवे फाटक खुला और लोगों ने भी मतदान नहीं किया।
गांव वसियाला में पोलिंग बूथ तो था लेकिन गांव का एक भी व्यक्ति वोट डालने नहीं पहुंचा। गांव रसूलपुर का पोलिंग बूथ बकापुर के साथ सयुंक्त तौर पर है। उस बूथ पर गांव रसूलपुर का कोई भी मतदाता वोट डालने नहीं गया। दोनों गावों के लोग धरने में डटे रहे और सरकार और प्रशासन से बंद रेलवे फाटक खुलवाने की मांग करते रहे।
रसूलपुर निवासी हरजिंदर सिंह ने कहा कि तीन वर्ष पहले फाटक बंद होने के बाद से दोनों गांवों के लोग मुसीबत का सामना कर रहे हैं। इस रेलवे फाटक को लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए तुरंत खोलना चाहिए वरना हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। बसियाला के सरपंच हरदेव सिंह ने बताया कि हमारे गांव में प्रशासन ने पोलिंग बूथ पर पूरा स्टाफ तैनात किया था। वोटरों ने एक भी वोट न डालकर केंद्र और पंजाब सरकार को रेलवे फाटक खोलने का संदेश दे दिया है। रसूलपुर की सरपंच परमजीत कौर ने कहा कि गांव के किसी भी वोटर ने वोट नहीं डाला। जिससे साफ है कि लोग बंद फाटक से कितना परेशान हैं।
रेलवे फाटक बंद होने से लोगों को आ रही समस्या
रेलवे फाटक बंद होने से लोगो को पांच किलोमीटर घूमकर गढ़शंकर-नवांशहर सड़क पर जाना पड़ता है। जिस रास्ते से उन्हें जाना पड़ता, वह रास्ता कम चौड़ा है। जिसके कारण बड़ी गाड़ियां, ट्राले और गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्रालियों का गुजरना मुश्किल होता है। जिसके चलते रेलवे फाटक खोलने की लोग मांग कर रहे है।
गुरदासपुर के कई गांवों में मतदान का बहिष्कार
गुरदासपुर में विधानसभा हलका दीनानगर में पड़ते मकौड़ा पत्तन पर मंजूरी के बावजूद रावी दरिया पर पुल न बनने को लेकर दरिया पार के गांवों के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद सभी गांवों में वोटिंग नाममात्र हुई। लोगों ने पुल न बनने पर बहिष्कार का एलान किया था।
गांव तूर के बूथ नंबर दो और गांव भरियाल के बूथ नंबर एक में केवल 4-4 वोट पड़े। गांव लसियान के बूथ नंबर 32 पर एक भी व्यक्ति ने वोट नहीं डाला। जैसे ही जिला प्रशासन को सूचना मिली तो करीब साढ़े चार बजे डीसी मोहम्मद इश्फाक व एसएसपी डॉ. नानक सिंह कई प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने लोगों को काफी समझाया, जिसके बाद बूथ नंबर दो तूर पर 408 में से 56 वोट पड़े। इसी तरह बूथ नंबर एक भरियाल में 397 में से 25 वोट पड़े। हलका भोआ के गांव लसियान के बूथ नंबर 32 एक भी वोट नहीं पड़ा।