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शिक्षामंत्री बनते ही अरुणा चौधरी पहुंची जीरकपुर, स्कूलों का लिया जायजा
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर(मोहाली)
Updated Sat, 18 Mar 2017 09:32 AM IST
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Punjab Education minister Aruna chaudhary
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब सरकार में नवनियुक्त शिक्षामंत्री अरुणा चौधरी ने शुक्रवार को अचानक जीरकपुर के विभिन्न स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान शिक्षामंत्री ने सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कूल में परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया और स्कूल के अंदर मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने के सुझाव भी दिए। वीरवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में बनी सूबे की नई सरकार में अरुणा चौधरी को शिक्षा विभाग दिया गया है। उन्होंने पद ग्रहण करते ही सबसे पहले जीरकपुर का दौरा किया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को शिक्षामंत्री सबसे पहले सरकारी हाई स्कूल (पभात) में पहुंचीं। यहां पर मौजूद स्टाफ व छात्रों से बातचीत की। इसके बाद चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित एसी नेशनल स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में चल रही परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। वहीं, स्कूलों द्वारा शौचालय, साफ-सफाई व अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षामंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूल के शिक्षकों को गैर-सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की अपेक्षा अधिक वेतन मिलता है, लेकिन 10 वर्षों में ऐसा माहौल बन गया है कि सरकारी के बजाय गैर-सरकारी स्कूल में अधिक चमक-दमक और बेहतर व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, लोगों के मनों के अंदर बसी ऐसी धारणा को बदलने के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को लोगों ने स्पष्ट बहुमत दिया है। वहीं, एक सवाल के जवाब में शिक्षामंत्री अरुणा चौधरी ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अंदर अब अनुशासन का पालन न करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह शिक्षक हों या छात्र। उन्होंने आगे बताया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने विशेषकर सरकारी स्कूलों की इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी कदम उठाने जा रही है, ताकि सरकारी स्कूलों को आधुनिक मूलभूत सुविधाओं से लैस किया जा सके। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी बलबीर सिंह ढोल भी मौजूद थे।
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जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को शिक्षामंत्री सबसे पहले सरकारी हाई स्कूल (पभात) में पहुंचीं। यहां पर मौजूद स्टाफ व छात्रों से बातचीत की। इसके बाद चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित एसी नेशनल स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में चल रही परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। वहीं, स्कूलों द्वारा शौचालय, साफ-सफाई व अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षामंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूल के शिक्षकों को गैर-सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की अपेक्षा अधिक वेतन मिलता है, लेकिन 10 वर्षों में ऐसा माहौल बन गया है कि सरकारी के बजाय गैर-सरकारी स्कूल में अधिक चमक-दमक और बेहतर व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, लोगों के मनों के अंदर बसी ऐसी धारणा को बदलने के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को लोगों ने स्पष्ट बहुमत दिया है। वहीं, एक सवाल के जवाब में शिक्षामंत्री अरुणा चौधरी ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अंदर अब अनुशासन का पालन न करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह शिक्षक हों या छात्र। उन्होंने आगे बताया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने विशेषकर सरकारी स्कूलों की इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी कदम उठाने जा रही है, ताकि सरकारी स्कूलों को आधुनिक मूलभूत सुविधाओं से लैस किया जा सके। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी बलबीर सिंह ढोल भी मौजूद थे।
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