फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab DGP summoned investigation report

पंजाब डीजीपी ने दुष्कर्म के आरोपी एआईजी के मामले की जांच रिपोर्ट की तलब

Sun, 20 Oct 2019 12:48 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 20 Oct 2019 12:48 PM IST
विज्ञापन
Punjab DGP summoned investigation report
प्रतीकात्मक तस्वीर

पटियाला जेल में महिला से दुष्कर्म और भ्रष्टाचार के मामले में नामजद एआईजी विजिलेंस आशीष कपूर की गिरफ्तारी टल गई है। पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने आशीष कपूर के मामलों की जांच रिपोर्ट तलब कर ली है, जिसका आकलन करने के बाद वे आगे कार्रवाई के आदेश जारी करेंगे। पंजाब पुलिस की आर्गेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओसीसीयू) द्वारा एआईजी पर लगे आरोपों की जांच करने के बाद उन्हें आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है। 

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, दुष्कर्म और भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद आशीष कपूर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य आला अफसरों को पत्र लिखकर सफाई दी थी कि वे निर्दोष हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
विज्ञापन


कपूर का यह भी कहना है कि एक ऐसी महिला की शिकायत पर उन्हें आरोपी बनाया गया है, जिसका रिकॉर्ड आपराधिक रहा है। महिला के खिलाफ कई केस दर्ज हैं और कई केसों में अदालत द्वारा उसे सजा भी सुनाई जा चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही आशीष कपूर ने अपने पत्र में ओसीसीयू के प्रमुख आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह पर भी उंगली उठाते हुए आरोप लगाया है कि कुंवर विजय प्रताप उन्हें इन मामलों में फंसाना चाहते हैं इसलिए पूरे मामले की जांच किसी अन्य अफसर को सौंपी जाए। आशीष कपूर के इसी पत्र पर संज्ञान लेते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने मामले की अब तक हुई जांच की पूरी रिपोर्ट तलब कर ली है, जिसका आकलन करने तक उन्होंने आशीष कपूर की गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी है।

यह है मामला

पटियाला जेल में कुरुक्षेत्र निवासी 36 वर्षीय एक महिला ने 28 जून, 2019 को ओसीसीयू को शिकायत भेजते हुए आशीष कपूर पर उसे और उसके परिवार को फर्जी केस में फंसाने, लूटने और पुलिस की मौजूदगी में दुष्कर्म करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। यह मामला सामने आते ही जेल मंत्री की ओर से जेल सुपरिंटेंडेंट और अन्य कई अधिकारियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ केस दर्ज कराते हुए मामले की जांच शुरू कराई थी। 

पुलिस ने महिला का बयान सीआरपीसी के सेक्शन 161 के तहत रिकॉर्ड किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि महिला से सबसे पहले अमृतसर जेल में तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट और अब एआईजी आशीष कपूर ने दुष्कर्म किया था। उसके बाद कपूर के इशारे पर जीरकपुर थाने के एसएचओ पवन कुमार ने महिला और उसके भाई पर इमिग्रेशन का झूठा मामला दर्ज करके उन्हें पटियाला जेल भिजवा दिया।

वहां पर भी आशीष कपूर के इशारे पर ही महिला से दुर्व्यवहार जारी रहा। 2 जुलाई, 2019 को महिला की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया गया, जिसमें महिला ने बैंक स्टेटमेंट और कई अन्य दस्तावेज पेश करते हुए आरोप लगाए कि जब उसे गिरफ्तार किया गया, तब आशीष कपूर ने 38.80 लाख रुपये नकद और 550 ग्राम सोने के गहने लूट लिए। 

ये पैसा और सोना महिला और उसके परिवार के सदस्यों के घर, बैंक खातों और लॉकर से निकाले गए थे। महिला ने दर्ज बयान में कहा कि उसका और उसके परिवार के अन्य सदस्यों का आशीष कपूर की मौजूदगी में थर्ड डिग्री उत्पीड़न किया गया। उस समय कपूर की पत्नी भी वहां मौजूद थीं। आशीष कपूर ने एक पुलिस इंस्पेक्टर की कार में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उसके साथ दुष्कर्म किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed