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पंजाब में नशे को लेकर डीजीपी हुए सख्त, कहा- नशा तस्करी पर इलाके के पुलिस अफसर होंगे जिम्मेदार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Jun 2018 02:36 PM IST
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पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब में बढ़ रही नशे की तस्करी को लेकर डीजीपी ने सख्त रूख अपना लिया है। पुलिस महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने अपने फील्ड अफसरों को गैंगस्टरों और नशीली दवाओं के तस्करों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि जिस इलाके में भी नशा तस्करी की गतिविधियां सामने आएंगी, उसके लिए संबंधित क्षेत्र के फील्ड अफसर जवाबदेह होंगे।
डीजीपी ने यह निर्देश शुक्रवार को पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में सभी एसएसपी/सीपी, रेंज आईजी/डीआईजी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान जारी किए।
डीजीपी ने यह बैठक राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई थी। बैठक में आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित मुद्दे, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं के कट्टरपंथीकरण, नशीली दवाओं के तस्करी, गैंगस्टर आदि के विषयों पर विचार विमर्श किया गया।
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ड्रग तस्करी के खिलाफ फील्ड अफसरों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने सभी फील्ड अफसरों को निर्देश दिए कि वे अपने इलाकों में ड्रग सप्लाई लाइन को पूरी तरह ध्वस्त करें। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार की ड्रग के मुद्दे पर जीरा टालरेंस नीति का हवाला देते हुए डीजीपी ने चेतावनी दी कि इस मामले में कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।
डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा कि विभिन्न स्तरों पर फील्ड अफसर ही अपने संबंधित क्षेत्रों में ड्रग तस्करी की किसी भी गतिविधि के लिए उत्तरदायी होंगे। इस मौके पर डीजीपी ने पंजाब पुलिस की विभिन्न इकाइयों द्वारा जब्त किए गए नशों के जखीरों को सूचीबद्ध करते हुए कहा कि ड्रग पैडलर और तस्करों को सख्ती से कुचला जाए।
उन्होंने नशे के खिलाफ लोगों को लामबंद करने के लिए एक जागरूकता मुहिम शुरू करने को भी कहा, जिसमें गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ), सिविल सोसायटी के सम्मानित लोगों, पंचायतों, शैक्षिक संस्थानों के अलावा नौजवानोंको भी शामिल करने को कहा।
ड्रग तस्करों की संपत्तियां जब्त करने की तैयारी
उन्होंने सभी फील्ड अफसरों को ड्रग तस्करी करने वालों द्वारा अवैध रूप से अधिग्रहीत संपत्तियों और संपत्तियों में लगे पैसे की व्यवस्थित जांच करने का आदेश दिया, ताकि उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। डीजीपी ने फील्ड अफसरों को नशीली दवाओं के मामलों के आदतन अपराधियों की पहचान करने और उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1988 और अवैध तस्करी रोकने के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए।
सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों पर नजर रखने के आदेश
अलगाववादी और आतंकवादी ग्रुपों की गतिविधियों का जायजा लेते हुए पुलिस प्रमुख ने फील्ड अफसरों को आदेश दिए कि नौजवानों को सही मार्गदर्शन और शिक्षा प्रदान करके अलगाववादी ग्रुपों की देश विरोधी गतिविधियों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने पुलिस अफसरों को चौकसी बढ़ाने के आदेश देते हुए कहा कि इन संगठनों द्वारा सोशल मीडिया का किया जा रहा इस्तेमाल पर खास नजर रखी जाए और किसी भी गैंगस्टर द्वारा की जा रही देश विरोधी गतिविधि सामने आने पर उसके खिलाफ तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाए।
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डीजीपी ने यह निर्देश शुक्रवार को पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में सभी एसएसपी/सीपी, रेंज आईजी/डीआईजी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान जारी किए।
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डीजीपी ने यह बैठक राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई थी। बैठक में आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित मुद्दे, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं के कट्टरपंथीकरण, नशीली दवाओं के तस्करी, गैंगस्टर आदि के विषयों पर विचार विमर्श किया गया।
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ड्रग तस्करी के खिलाफ फील्ड अफसरों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने सभी फील्ड अफसरों को निर्देश दिए कि वे अपने इलाकों में ड्रग सप्लाई लाइन को पूरी तरह ध्वस्त करें। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार की ड्रग के मुद्दे पर जीरा टालरेंस नीति का हवाला देते हुए डीजीपी ने चेतावनी दी कि इस मामले में कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।
डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा कि विभिन्न स्तरों पर फील्ड अफसर ही अपने संबंधित क्षेत्रों में ड्रग तस्करी की किसी भी गतिविधि के लिए उत्तरदायी होंगे। इस मौके पर डीजीपी ने पंजाब पुलिस की विभिन्न इकाइयों द्वारा जब्त किए गए नशों के जखीरों को सूचीबद्ध करते हुए कहा कि ड्रग पैडलर और तस्करों को सख्ती से कुचला जाए।
उन्होंने नशे के खिलाफ लोगों को लामबंद करने के लिए एक जागरूकता मुहिम शुरू करने को भी कहा, जिसमें गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ), सिविल सोसायटी के सम्मानित लोगों, पंचायतों, शैक्षिक संस्थानों के अलावा नौजवानोंको भी शामिल करने को कहा।
ड्रग तस्करों की संपत्तियां जब्त करने की तैयारी
उन्होंने सभी फील्ड अफसरों को ड्रग तस्करी करने वालों द्वारा अवैध रूप से अधिग्रहीत संपत्तियों और संपत्तियों में लगे पैसे की व्यवस्थित जांच करने का आदेश दिया, ताकि उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। डीजीपी ने फील्ड अफसरों को नशीली दवाओं के मामलों के आदतन अपराधियों की पहचान करने और उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1988 और अवैध तस्करी रोकने के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए।
सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों पर नजर रखने के आदेश
अलगाववादी और आतंकवादी ग्रुपों की गतिविधियों का जायजा लेते हुए पुलिस प्रमुख ने फील्ड अफसरों को आदेश दिए कि नौजवानों को सही मार्गदर्शन और शिक्षा प्रदान करके अलगाववादी ग्रुपों की देश विरोधी गतिविधियों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने पुलिस अफसरों को चौकसी बढ़ाने के आदेश देते हुए कहा कि इन संगठनों द्वारा सोशल मीडिया का किया जा रहा इस्तेमाल पर खास नजर रखी जाए और किसी भी गैंगस्टर द्वारा की जा रही देश विरोधी गतिविधि सामने आने पर उसके खिलाफ तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाए।