Budget 2024: बॉर्डर एरिया में इंडस्ट्री के लिए पंजाब ने मांगा विशेष पैकेज, केंद्रीय वित्तमंत्री को भेजी डिमांड
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय बजट में केंद्र सरकार से बॉर्डर के पांच जिलों के लिए विशेष पैकेज की मांग की है, ताकि इनमें इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जा सकें। इन जिलों में गुरदासपुर, अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर व फाजिल्का शामिल है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को चालू वित्त वर्ष का पूर्ण बजट पेश करने वाली हैं। इस बजट पर पूरे देश की निगाह है। सभी राज्य इस बजट से विशेष पैकेज की आस लगाए बैठे हैं। पंजाब ने केंद्र सरकार से बजट में प्रदेश के बॉर्डर एरिया के लिए विशेष पैकेज मांगा है।
दरअसल पंजाब सरकार बॉर्डर के पांच जिलों में लुधियाना व जालंधर की तरह इंडस्ट्री को बढ़ावा देना चाहती है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर पैदा किए जा सकें। वे नशे से दूर रहे और पंजाब का बॉर्डर एरिया ही नशे की सबसे अधिक गिरफ्त में है।
इस संबंध में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय बजट में केंद्र सरकार से बॉर्डर के पांच जिलों के लिए विशेष पैकेज की मांग की है, ताकि इनमें इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जा सकें। इन जिलों में गुरदासपुर, अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर व फाजिल्का शामिल है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में नई इंडस्ट्री आने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उनको नौकरी की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ेगा और साथ ही वह नशे से भी दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड को भी विशेष पैकेज दिया जा रहा है, लेकिन सबसे अधिक बॉर्डर एरिया पंजाब में लगता है, इसलिए प्रदेश को भी विशेष पैकेज की जरुरत है।
चीमा ने बताया कि उन्होंने बजट को लेकर केंद्र सरकार को अपनी डिमांड भेज दी है, ताकि इसमें पंजाब के लिए भी उचित प्रावधान किया जा सकें। बता दें कि इस समय प्रदेश में इंडस्ट्री का रुख मुख्य रूप से लुधियाना और उसके बाद जालंधर की तरफ है, लेकिन बॉर्डर एरिया में इंडस्ट्री के आने से इन जिलों में भी विकास भी अधिक रफ्तार पकड़ेगा। बॉर्डर एरिया में इन दो जिलों के मुकाबले प्रति व्यक्ति आय भी कम है, जिसे बढ़ाने के लिए ही पंजाब सरकार प्रयास कर रही है।
पंजाब के लिए मांगे हैं 800 करोड़ : साहनी
पंजाब के राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि हाल ही में उन्होंने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की थी। उन्होंने राज्यपाल से गुहार लगाई थी कि प्रदेश के बॉर्डर एरिया के लिए केंद्रीय बजट में 800 करोड़ रुपये का प्रावधान करवाया जाना चाहिए। साहनी ने बताया कि राज्यपाल ने अपने राजभवन के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि इस संबंध में केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा जाना चाहिए, जिसमें बॉर्डर एरिया के लिए उक्त बजट का प्रावधान करने की मांग की जाए। इसमें रोजगार के लिए इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के साथ ही फसल विविधीकरण, पराली की समस्या के समाधान व बॉर्डर एरिया का जीएसटी माफ करवाने की भी अपील की गई है।
70 हजार करोड़ निवेश का दावा, अब बॉर्डर एरिया पर फोकस
पंजाब सरकार का दावा है कि अब तक प्रदेश में 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। टाटा स्टील, सनातन टेक्सटाइल्स और अन्य प्रमुख कंपनियां राज्य में निवेश करने के लिए तैयार हैं। रियल एस्टेट, हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में 11853 करोड़ रुपये व विनिर्माण क्षेत्र ने 5981 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है, लेकिन बॉर्डर एरिया में निवेश के लिए अब सरकार प्रयास कर रही है। यही कारण है कि सरकार ने पंजाब औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2022 जारी की की, जिसमें इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।