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16 को मोहाली पहुंचेंगे दुनिया भर के दिग्गज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 12 Feb 2014 04:11 PM IST
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मोहाली के चप्पड़चिड़ी में 16 से 19 फरवरी तक होने वाले पहले प्रगतिशील पंजाब कृषि समेलन-2014 में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कृषि विशेषज्ञ, अर्थ शास्त्री, शोधकर्ता एवं वैज्ञानिक विचार रखेंगे।
इनके विचारों के आधार पर कृषि के समूचे विकास के लिए आम सहमति से कार्य योजना तैयार की जाएगी, जो देश के लाखों किसानों के लिए सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका, कनाडा, पाकिस्तान, ब्रिटेन, डेनमार्क, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि और प्रसिद्ध कृषि विशेषज्ञ इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
सस्केटकेवल (कनाडा) के कृषि मंत्री एल स्टेवर्ट, पाकिस्तानी पंजाब के कृषि मंत्री डॉ. फारूख जावेद, बरतानवी हाई कमिश्नर नारद, वेस्टइंडीज के डेविड लिलियट, नीदरलैंड के एग्रो फूड एंड टेक्नोलोजी के निदेशक मर्जिन लेजटन, आस्ट्रेलिया के प्रमुख सचिव चेरिस किंग, अंतरराष्ट्रीय मक्की और गेहूं अनुसंधान केंद्र अमेरिका के डायरेक्टर डॉ. थॉमस लुंपकिन इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। कनाडा से 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस सम्मेलन में भाग लेने पहुंचेगा।
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल इस सम्मेलन को लेकर बहुत गंभीर हैं और इसकी कामयाबी के लिए निजी तौर पर दिलचस्पी ले रहे हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कृषि मंत्रियों एवं सियासी नेताओं को इस ऐतिहासिक समेलन में भाग लेने का न्यौता दिया है।
चप्पड़चिड़ी स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर जंगी यादगार में 130 एकड़ रकबे में करवाए जा रहे इस सम्मेलन में पंजाब से लगभग 50 हजार किसान और पश्चिमी बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, असम, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर सहित अन्य राज्यों से 5000 किसान भाग लेंगे।
सम्मेलन के दौरान 11 तकनीकी सैशन होंगे, जिनमें पंजाब की कृषि को चुनौतियां और संभावनाएं, कृषि में बायो टेकभनोलोजी, आलू बीज उत्पादन, छोटे पशुओं का पालन-पोषण ,व्यापार डेयरी फार्मिंग, कृषि मंडीकरण और जोखिम प्रबंधन, मधुमक्खी पालन, अनाज एवं एग्रो प्रोसेसिंग आदि पर विशेषज्ञों की विचार-चर्चा होगी, जिसे पंजाब और भारतीय कृषि आर्थिकता पर केंद्रत किया जाएगा। आदित्या बिरला ग्रुप, टाटा केमिकल, महिंद्रा एवं महिंद्रा एग्री बिज़नेस, गोदरेज एग्रोवेट, डाबर इंडिया लिमिटेड, आईटीसी, नेस्ले, कोला कोला, पेप्ससिको इंडिया आदि कंपनियां भी इस आयोजन में हिस्सा लेंगी।
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इनके विचारों के आधार पर कृषि के समूचे विकास के लिए आम सहमति से कार्य योजना तैयार की जाएगी, जो देश के लाखों किसानों के लिए सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका, कनाडा, पाकिस्तान, ब्रिटेन, डेनमार्क, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि और प्रसिद्ध कृषि विशेषज्ञ इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
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सस्केटकेवल (कनाडा) के कृषि मंत्री एल स्टेवर्ट, पाकिस्तानी पंजाब के कृषि मंत्री डॉ. फारूख जावेद, बरतानवी हाई कमिश्नर नारद, वेस्टइंडीज के डेविड लिलियट, नीदरलैंड के एग्रो फूड एंड टेक्नोलोजी के निदेशक मर्जिन लेजटन, आस्ट्रेलिया के प्रमुख सचिव चेरिस किंग, अंतरराष्ट्रीय मक्की और गेहूं अनुसंधान केंद्र अमेरिका के डायरेक्टर डॉ. थॉमस लुंपकिन इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। कनाडा से 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस सम्मेलन में भाग लेने पहुंचेगा।
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल इस सम्मेलन को लेकर बहुत गंभीर हैं और इसकी कामयाबी के लिए निजी तौर पर दिलचस्पी ले रहे हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कृषि मंत्रियों एवं सियासी नेताओं को इस ऐतिहासिक समेलन में भाग लेने का न्यौता दिया है।
चप्पड़चिड़ी स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर जंगी यादगार में 130 एकड़ रकबे में करवाए जा रहे इस सम्मेलन में पंजाब से लगभग 50 हजार किसान और पश्चिमी बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, असम, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर सहित अन्य राज्यों से 5000 किसान भाग लेंगे।
सम्मेलन के दौरान 11 तकनीकी सैशन होंगे, जिनमें पंजाब की कृषि को चुनौतियां और संभावनाएं, कृषि में बायो टेकभनोलोजी, आलू बीज उत्पादन, छोटे पशुओं का पालन-पोषण ,व्यापार डेयरी फार्मिंग, कृषि मंडीकरण और जोखिम प्रबंधन, मधुमक्खी पालन, अनाज एवं एग्रो प्रोसेसिंग आदि पर विशेषज्ञों की विचार-चर्चा होगी, जिसे पंजाब और भारतीय कृषि आर्थिकता पर केंद्रत किया जाएगा। आदित्या बिरला ग्रुप, टाटा केमिकल, महिंद्रा एवं महिंद्रा एग्री बिज़नेस, गोदरेज एग्रोवेट, डाबर इंडिया लिमिटेड, आईटीसी, नेस्ले, कोला कोला, पेप्ससिको इंडिया आदि कंपनियां भी इस आयोजन में हिस्सा लेंगी।