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पंजाब कोर्ट फीस संशोधन अधिनियम, 2009 अपीलों पर भी लागू : हाईकोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि पंजाब कोर्ट फीस (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 2009 हाईकोर्ट में दाखिल उन अपीलों पर लागू होगा, जिनका संबंध पंजाब में दाखिल किए गए मूल मुकदमों से है। यह लागू होगा, चाहे हाईकोर्ट चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश) में स्थित हो।
जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की बेंच ने कहा कि पंजाब के सिविल कोर्ट में दाखिल मुकदमों पर यह संशोधित फीस लागू होगी। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नियम तब भी लागू रहेगा जब हाईकोर्ट चंडीगढ़ में हो, क्योंकि फीस राज्य की सीमा में दाखिल मुकदमों के आधार पर तय होती है।
खंडपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 229(3) का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट फीस उस राज्य की निधि से जुड़ी होती है, जहां मुकदमा दाखिल हुआ है। अदालत ने कहा कि मुकदमे की तारीख और स्थान कोर्ट फीस तय करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही, दूसरे अपीलें भी मुकदमों की निरंतरता मानी जाती हैं।
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि पंजाब कोर्ट फीस (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 2009 हाईकोर्ट में दाखिल उन अपीलों पर लागू होगा, जिनका संबंध पंजाब में दाखिल किए गए मूल मुकदमों से है। यह लागू होगा, चाहे हाईकोर्ट चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश) में स्थित हो।
जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की बेंच ने कहा कि पंजाब के सिविल कोर्ट में दाखिल मुकदमों पर यह संशोधित फीस लागू होगी। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नियम तब भी लागू रहेगा जब हाईकोर्ट चंडीगढ़ में हो, क्योंकि फीस राज्य की सीमा में दाखिल मुकदमों के आधार पर तय होती है।
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खंडपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 229(3) का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट फीस उस राज्य की निधि से जुड़ी होती है, जहां मुकदमा दाखिल हुआ है। अदालत ने कहा कि मुकदमे की तारीख और स्थान कोर्ट फीस तय करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही, दूसरे अपीलें भी मुकदमों की निरंतरता मानी जाती हैं।
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