{"_id":"5f91386d46ed287cb005e8f4","slug":"punjab-congress-president-sunil-jakhar-targets-on-sukhbir-singh-badal-and-aam-aadmi-party","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब विधानसभा में पारित विधेयकों पर सुखबीर बादल की चुप्पी बड़ी साजिश : सुनील जाखड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब विधानसभा में पारित विधेयकों पर सुखबीर बादल की चुप्पी बड़ी साजिश : सुनील जाखड़
Thu, 22 Oct 2020 01:18 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 22 Oct 2020 01:18 PM IST
विज्ञापन
सुखबीर सिंह बादल, सुनील जाखड़।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब सरकार द्वारा केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब विधानसभा में पास किए गए विधेयकों पर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की चुप्पी पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा है कि यह चुप्पी बड़ी सियासी साजिश का हिस्सा है। इसके पीछे भाजपा के साथ कोई सियासी साठगांठ प्रतीत होती है। भाजपा ने सदन से गैरहाजिर होकर पंजाब के लोगों से धोखा किया है।
विज्ञापन
बुधवार को पंजाब भवन में कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू, सांसद मुहम्मद सदीक, विधायक कुलजीत सिंह नागरा, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सलाहकार कैप्टन संदीप संधू और पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिंदर ढिल्लों की मौजूदगी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि कैप्टन ने पंजाब की किसानी को बचाने और देश के संघीय ढांचे को बनाए रखने के लिए पंजाब विधानसभा में विधेयक लाकर इतिहास रचा है और कांग्रेस के साथ-साथ दूसरे राज्यों की गैर-भाजपा या भाजपा की सहयोगी पार्टियों की सरकारों को भी रास्ता दिखाया है। ये सरकारें भी पंजाब के नक्शे-कदम पर चलते हुए अपनी विधानसभाओं में ऐसे विधेयक ला सकती हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस प्रधान ने आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पार्टी ने पहले तो विधानसभा में इन विधेयकों का खुलकर समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री की भरपूर प्रशंसा की लेकिन बाद में इसके कानूनी आधार पर शोर मचाकर पार्टी के ‘पलटू’ रोग से पीड़ित होने का सबूत दिया। उन्होंने कहा कि पहले अकाली दल तीन महीने तक इन केंद्रीय कृषि विधेयकों का गुणगान करता रहा और फिर एकदम पलटू रोग से पीड़ित होने का सबूत देते हुए इनको काले कानून बताने लग पड़ा। अब अकाली दल की तर्ज पर ही आम आदमी पार्टी भी इसी रोग से पीड़ित हो चुकी है।
विज्ञापन