{"_id":"84c97fa043eb4bc5ebf2280f49697260","slug":"punjab-congress-president-issue-rajinder-kaur-bhattal-vs-captain-amrinder-singh-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस अध्यक्ष पद पर खींचतान, भट्ठल-कैप्टन आमने सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस अध्यक्ष पद पर खींचतान, भट्ठल-कैप्टन आमने सामने
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Aug 2015 03:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष पद को लेकर राज्य के कांग्रेसी नेताओं में खींचतान तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब की ही पूर्व सीएम रहीं राजिंदर कौर भट्ठल के बीच जीएसटी के मुद्दे पर हुई तल्खी को भी इसी का हिस्सा माना जा रहा है।
विज्ञापन
वहीं, कैप्टन के साथ पीपीसीसी अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा का विवाद तो जगजाहिर है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से जीएसटी पर दिया गया बयान कि यह बिल लोकसभा में पारित होना चाहिए था, कई नई चर्चाओं को जन्म दे गया है।
विज्ञापन
पूर्व सांसद जगमीत बराड़ की कांग्रेस में वापसी को पहले ही पीपीसीसी अध्यक्ष पद से जोड़ कर देखा जा रहा है। ऐसे में भट्ठल ने मौका मिलते ही कैप्टन के बयान पर पलटवार किया कि उन्हें ऐसी बात नहीं करनी चाहिए थी। इस पर कैप्टन ने तीखी टिप्पणी की कि भट्ठल से किसी ने सलाह नहीं मांगी।
विज्ञापन
लंबा खिंचा विवाद
पीपीसीसी अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति से संबंधित विवाद लोकसभा चुनाव के वक्त से ही चल रहा है। इस चुनाव के दौरान पंजाब में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर बाजवा विरोधी स्वर काफी तीखे हो गए थे। समय-समय पर उन्हें बदले जाने की बातें हवा में तैरती रहीं, लेकिन अभी तक वह पद पर बने हुए हैं। अब बदले हालात में सभी की निगाहें कांग्रेस आलाकमान पर टिक गई हैं कि इस बारे में क्या फैसला होता है।
कैप्टन के अलग पार्टी की चर्चा
पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलग पार्टी बनाने की चर्चाओं ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है। कैप्टन के नजदीकी इन बाताें को अफवाह बता रहे हैं। वहीं, सियासी माहिरों का मानना है कि यदि कैप्टन को पंजाब कांग्रेस की बागडोर नहीं मिलती तो वह भाजपा का दामन थाम सकते हैं या फिर अपनी अलग पार्टी बनाकर भाजपा से गठबंधन कर सकते हैं।
अकालियों की मदद से जीतती रही हैं भट्ठलः अमरिंदर
कैप्टन ने कहा है कि भट्ठल हमेशा अकालियों की मदद से जीतती आई हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर कोई ऐसा ही करता है। यहां जारी एक बयान में कैप्टन ने कहा कि भट्ठल ने कहा है कि वह अमृतसर में अकालियों की मदद से जीते, जो कि गलत है। भट्ठल खुद लहरागागा से हमेशा अकालियों की मदद से जीतती आई हैं।