पंजाब विधानसभा चुनाव: ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ नारे की पंजाब में अनदेखी, कांग्रेस की पहली सूची में सिर्फ पांच महिलाओं को टिकट
पंजाब में होने वाले चुनाव में महिलाएं निर्णायक भूमिका में रहती हैं। इस बार मतदान में कुल 2.12 करोड़ मतदाता वोट करेंगे। इनमें 10086514 महिला वोटर हैं।
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पंजाब में जारी कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची में प्रियंका गांधी के उत्तर प्रदेश में दिए जा रहे नारे ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ की अनदेखी की गई है। पार्टी ने 86 प्रत्याशियों की सूची में सिर्फ पांच महिला प्रत्याशी को टिकट दिया है। जबकि उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी महिलाओं का नारा देकर 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दे चुकी हैं। वहीं, पंजाब में करीब 6 प्रतिशत महिलाओं को प्रत्याशी बनाया गया है।
इससे पहले पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की पार्टी संगठन की पहली सूची पर भी सवाल खड़े हुए थे। सूची में महिलाओं की पूरी तरह से अनदेखी की गई थी। संगठन में मात्र 4.3 प्रतिशत महिलाओं को नेतृत्व दिया गया। जबकि उत्तर प्रदेश की कमान संभाले प्रियंका गांधी महिलाओं के भरोसे ही चुनाव प्रचार कर रही हैं। वहां वह महिलाओं को लेकर लगातार योगी सरकार पर सियासी हमला कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को अपने पक्ष में करने के लिए नारा दिया है कि ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’। प्रियंका गांधी ने एलान किया है कि उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देंगी। प्रियंका ने कहा है कि यह अभी शुरुआत है। कांग्रेस आने वाले दिनों में राजनीति में महिलाओं की भूमिका 50 प्रतिशत करने की तैयारी कर रही है।
इसके इतर पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस महिलाओं की अनदेखी कर रही है। पंजाब में जिन महिलाओं को टिकट दिया गया है कि उनमें मोगा से फिल्म अभिनेता और समाज सेवी सोनू सूद की बहन मालविका, पठानकोट से कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी, मलोट से आप छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुईं रुपिंदर कौर रूबी, मुकेरियां विधानसभा क्षेत्र से इंदु बाला और मालेरकोटला से कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के नाम शामिल हैं।
पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण
तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया था। इसके बाद भी पार्टी संगठन में महिलाओं की अनदेखी से कई सवाल उठने लगे हैं।
महिलाएं निर्णायक
पंजाब में होने वाले चुनाव में महिलाएं निर्णायक भूमिका में रहती हैं। इस बार मतदान में कुल 2.12 करोड़ मतदाता वोट करेंगे। इनमें 10086514 महिला वोटर हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में 78.14 प्रतिशत महिलाओं ने वोट डाला था, जो पुरुषों के मुकाबले 1.45 प्रतिशत अधिक था। इस बार भी सियासी दल यही अनुमान लगा रहे हैं कि चुनाव में महिलाएं ज्यादा वोट डालेंगी।
महिलाओं को साधना मजबूरी
पंजाब में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए सियासी दलों की इस चुनाव में मातृ शक्ति को साधना मजबूरी से कम नहीं है। यही कारण है कि सभी राजनीतिक दल महिलाओं को लेकर सीधे घोषणाएं करने में लगे हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार बनने पर 1000 रुपये तो शिअद ने 2500 रुपये प्रति माह देने की घोषणा की है। वहीं, कांग्रेस प्रधान सिद्धू महिलाओं को घरेलू गैस सिलिंडर भरवाने और 12वीं पास लड़कियों को स्कूटी देने का वादा कर चुके हैं।