पंजाब: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोमवार को पार्टी विधायकों व जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई, ये प्रस्ताव किया जाएगा पास
पंजाब कांग्रेस में अब बैठकों का दौर जारी है। शनिवार को कैप्टन और सिद्धू ने अपने-अपने गुट के मंत्री-विधायकों से मुलाकात की। इसी क्रम में नवजोत सिंह सिद्धू रविवार को भी विधायक मदनलाल से मिले तो 10 विधायकों ने खुले तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह का समर्थन किया। उधर, राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी के सभी सांसदों के साथ बैठक की। कल यानि सोमवार को प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ पार्टी के सभी विधायकों और जिलाध्यक्षों से मिलेंगे।
विस्तार
पार्टी में मची खींचतान के बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोमवार को पार्टी के सभी विधायकों और जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। सुनील जाखड़ के बैठक बुलाने की चर्चा पंजाब के राजनीतिक गलियारों में है।
सुनील जाखड़ ने कहा कि सोमवार को तत्काल पार्टी के सभी विधायकों और जिलाध्यक्षों की बैठक चंडीगढ़ में बुलाई गई है। बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी प्रमुख को भेजा जाएगा कि पंजाब के संबंध में वह जो भी निर्णय लेंगी, उसका सभी सम्मान करेंगे।
सुनील जाखड़ ने पंजाब इकाई में पुनर्गठन से पहले यह बैठक बुलाई है। पास प्रस्ताव को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रस्ताव में पंजाब के बारे में जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील पार्टी नेतृत्व से की जाएगी। ताकि पार्टी राज्य में जनता से जुड़े मुद्दे पर काम कर सके। बैठक सोमवार दोपहर तीन बजे चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में होगी।
प्रताप बाजवा के घर सांसदों की बैठक, मदनलाल से मिले सिद्दू
नई दिल्ली स्थित राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा के आवास पर पंजाब के कांग्रेस सांसदों की बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में किसान और पंजाब में पार्टी की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। उधर, नवजोत सिंह सिद्धू ने घन्नौर से पार्टी के विधायक मदनलाल जलालपुर से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान सिद्धू का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सिद्धू के साथ पंजाब के कुछ कैबिनेट मंत्री और विधायक भी मौजूद रहे।
Punjab Congress chief Sunil Jakhar has called an urgent meeting of party MLAs & district presidents in Chandigarh tomorrow
— ANI (@ANI) July 18, 2021
"In the meet, a resolution will be passed & sent to party chief that whatever decision she takes regarding Punjab will be respected by all," Jhakhar says pic.twitter.com/vpOUad1Jcv