कैप्टन ने लांच की 'कोविड फतेह किट', एक हफ्ते में कोरोना मरीजों को बांटने का लक्ष्य
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कोरोना के खिलाफ पंजाब सरकार ने जंग और तेज कर दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ‘कोरोना फतह किट’ लांच की। सरकार अस्पताल और घर में क्वारंटीन सभी मरीजों को ये किट बांटेगी। पंजाब सरकार ने 50 हजार किटों के आर्डर दिए हैं, जिनमें से पांच हजार किट पहले ही प्राप्त हो गई हैं।
इस दौरान सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में कोविड की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद वर्चुअल मीटिंग के दौरान किट लांच की। मुख्यमंत्री ने सभी डीसी को निर्देश दिए कि किट बांटने को प्राथमिकता दी जाए। वहीं अगले एक हफ्ते में सभी 18 हजार सक्रिय मरीजों तक किट पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि किट में प्रयोग करने और स्वास्थ्य संबंधी सही निगरानी की जानकारी मौजूद है। कोविड के बारे में राज्य की विशेषज्ञ कमेटी के चेयरमैन डॉ. केके तलवार ने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र वाले मरीजों का घरेलू एकांतवास चिंता का विषय है। यदि वे घर में अपेक्षित देखभाल और निगरानी नहीं ले सकते तो उनको अस्पताल जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य सचिव हुस्न लाल ने मीटिंग के दौरान बताया कि घरेलू एकांतवास में रह रहे मरीजों की निगरानी और भी सुचारु ढंग के साथ करने के लिए टेलीफोन द्वारा सलाह देने वाली एजेंसी की सेवाएं हासिल करने के लिए विभाग की तरफ से टेंडरों का न्योता दिया गया है।
किट में काढ़ा भी शामिल
कोरोना फतह किट में 18 वस्तुएं हैं। इनमें पल्स ऑक्सीमीटर, डिजिटल थर्मामीटर, जरूरी दवाएं और काढ़े के अलावा संबंधित शिक्षा सामग्री और दवाओं के प्रयोग के बारे में दिशा-निर्देश शामिल हैं। मरीजों और देखभाल करने वालों को निर्देश किट मुहैया करवाई गई हैं। इसके साथ एक स्व: निगरानी चार्ट भी है। इस किट का मकसद एकांतवास में रह रहे सभी कोविड मरीजों के स्वास्थ्य सूचकों की निरंतर स्व: निगरानी को सुनिश्चित बनाना है।
कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन हो: कैप्टन
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोविड सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन और जन चेतना मुहिम को राज्य भर में मजबूत किए जाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कोविड सुरक्षा संबंधी नियमों और प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास पाबंदियां खोलने के अलावा कोई चारा नहीं था लेकिन लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी पड़ेगी।
उन्होंने कोरोना से मौत की दर नीचे लाने की जरूरत पर जोर दिया जोकि पंजाब में राष्ट्रीय औसत की अपेक्षा अधिक है। राज्य में गंभीर स्थिति के बावजूद लोगों मास्क नहीं पहन रहे हैं और सड़कों पर थूकने का क्रम जारी है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को निर्देश दिए कि जो भी नियम तोड़ता पाया जाता है, उसे सजा दी जाए।