खुशियों का दिन: सात साल बाद अपने बच्चों से मिले भगवंत मान, अमेरिका में मां के साथ रहते हैं सीरत और दिलशान मान
परिवार से अलग होने के बाद भगवंत मान, सियासत में लगातार ऊंचाइयां छूते रहे लेकिन निजी जीवन में वे अपने परिवार को बेहद मिस करते थे।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए व्यक्तिगत तौर पर भी शपथ ग्रहण सुखद रहा। शपथ ग्रहण ने भगवंत मान को उनकी बेटी व बेटे से करीब सात साल बाद मिला दिया है। पत्नी से अलग होने के बाद राजनीति में व्यस्त भगवंत मान अपने दोनों बच्चों से मिल नहीं पा रहे थे। मान के दोनों बच्चे अमेरिका में पढ़ते हैं और अपने पिता को सीएम बनता देखने के लिए अमेरिका से पंजाब पहुंचे। उनकी बेटी सीरत करीब 21 वर्ष की हैं और बेटा दिलशान 17 साल का है। दिलशान, बॉस्केटबाल में खूब हाथ आजमा रहे हैं और बुलंदियां छू रहे हैं।
इससे पहले सीएम भगवंत मान के दोनों बच्चे और पत्नी इंदरप्रीत कौर 2014 के लोकसभा चुनाव में दिखाई दिए थे। उनकी पत्नी इंदरप्रीत कौर ने तो उस समय चुनाव प्रचार भी किया था। उसके बाद परिवार में दूरियां पैदा हो गईं और पति से अलग होकर इंदरप्रीत दोनों बच्चों के साथ अमेरिका चली गईं।
अपने बच्चों को लेकर भगवंत मान हमेशा फिक्रमंद रहे हैं और परिवार से अलग होते वक्त उन्होंने मानसिक पीड़ा भी सहन की लेकिन उनकी माता व बहन हमेशा चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी रहीं। उनके करीबियों ने बताया कि बच्चों को देखकर भगवंत मान काफी खुश हैं। भगवंत की मां हरपाल कौर अपने पोते-पोती से मिलकर भावुक हो गई थीं।
हमेशा परिवार को मिस करते रहे मान
परिवार से अलग होने के बाद भगवंत मान, सियासत में लगातार ऊंचाइयां छूते रहे लेकिन निजी जीवन में वे अपने परिवार को बेहद मिस करते थे। खुद भगवंत मान ने कई बार कहा कि उन्हें अपने बच्चों की हमेशा याद आती है और कमी खलती है लेकिन सियासत में इतनी व्यस्तता रहती है कि बच्चों को मिल भी नहीं पा रहा हूं।
काफी भावुक इंसान हैं भगवंत
नजदीकियों के अनुसार, भगवंत मान काफी भावुक इंसान हैं और खुशी के कई मौकों पर उनकी आंखों में आंसू देखे गए हैं। सीएम चेहरा घोषित होने के समय, भारी बहुमत मिलने के बाद केजरीवाल से मिलते वक्त, लोकसभा सदस्य से त्यागपत्र देते वक्त मान की भावुकता साफ तौर पर दिखाई दी। इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में सवा दो लाख वोट के अंतर से मिली भारी जीत के बाद पत्नी के साथ उनकी इमोशनल तस्वीर सामने आई थी।
16 नबंर को खासी तरजीह देते हैं पंजाब के नए सीएम
भगवंत मान के जीवन में 16 नंबर का अहम स्थान रहा है और वे इसे लक्की नबंर मानते हैं। कामेडी करियर के दौरान उनकी ज्यादातर कैसेट 16 तारीख को रिलीज होती रही हैं। अपने जीवन में भगवंत मान 16 नबंर को खासी तरजीह देते रहे हैं और अब 16 तारीख ने भगवंत मान को उनके बच्चों से मिला दिया है। शपथ की तारीख तय करने के पीछे भी इसी मिथक को कारण माना जा रहा है। यह संयोग ही है कि पंजाब में 16वीं विधानसभा का गठन हुआ है।