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पंजाब: सीएम भगवंत मान ने बरनाला में आठ सार्वजनिक पुस्तकालयों का किया उद्घाटन; 2.80 करोड़ रुपए हुआ है निर्माण
Sat, 19 Jul 2025 09:48 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरनाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरनाला
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sat, 19 Jul 2025 09:48 PM IST
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भगवंत मान ने किया आठ पुस्तकालयों का उद्घाटन।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज बरनाला जिले में 2.80 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए आठ आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालयों को जनता को समर्पित किया। यह कदम विशेष रूप से युवाओं में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने की दिशा में उठाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भदौड़ और महल कलां विधानसभा क्षेत्रों में स्थित इन पुस्तकालयों का आज उद्घाटन किया गया। उन्होंने बताया कि शहिणा, धौला, तलवंडी, मझूके, कुत्बा, दीवाना, वजीदके कलां और ठुलीवाल गांवों में निर्मित इन आठ पुस्तकालयों पर कुल 2.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। प्रत्येक पुस्तकालय लगभग 35 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
भगवंत सिंह मान ने बताया कि ये पुस्तकालय आधुनिक बुनियादी ढांचे से युक्त हैं, जिनमें कंप्यूटर, इंटरनेट की सुविधा, उच्च गुणवत्ता वाला साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुस्तकालयों ने विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने की एक नई आशा जगाई है। अब दूरदराज़ गांवों के छात्र भी अपने गांवों में रहकर पुस्तकें पढ़कर वैश्विक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ये पुस्तकालय न केवल छात्रों के बौद्धिक स्तर को ऊंचा उठाएंगे, बल्कि उन्हें उनके लक्ष्य प्राप्त करने में भी सहायता करेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह भी आशा जताई की कि यह ग्रामीण पुस्तकालय राज्य के विकास और समृद्धि को सुनिश्चित करने में सार्थक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में पढ़ने की रुचि विकसित करना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय युवाओं के भविष्य को दिशा दिखाएंगे और उन्हें अधिकारी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, टेक्नोक्रेट और अन्य उच्च पदों तक पहुँचने में सहायक सिद्ध होंगे, जिससे वे देश की सेवा कर सकें।
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इन पुस्तकालयों को वाई-फाई, सोलर पावर, डिजिटल-एनालॉग सुविधाओं और अन्य आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। इनमें समकालीन साहित्य, सिलेबस की पुस्तकें और विश्व साहित्य के चयनित ग्रंथ उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें दुर्लभ पुस्तकें भी संग्रहित की गई हैं, जो पाठकों के लिए अनमोल धरोहर हैं।
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भगवंत सिंह मान ने बताया कि ये पुस्तकालय आधुनिक बुनियादी ढांचे से युक्त हैं, जिनमें कंप्यूटर, इंटरनेट की सुविधा, उच्च गुणवत्ता वाला साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुस्तकालयों ने विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने की एक नई आशा जगाई है। अब दूरदराज़ गांवों के छात्र भी अपने गांवों में रहकर पुस्तकें पढ़कर वैश्विक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ये पुस्तकालय न केवल छात्रों के बौद्धिक स्तर को ऊंचा उठाएंगे, बल्कि उन्हें उनके लक्ष्य प्राप्त करने में भी सहायता करेंगे।
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मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह भी आशा जताई की कि यह ग्रामीण पुस्तकालय राज्य के विकास और समृद्धि को सुनिश्चित करने में सार्थक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में पढ़ने की रुचि विकसित करना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय युवाओं के भविष्य को दिशा दिखाएंगे और उन्हें अधिकारी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, टेक्नोक्रेट और अन्य उच्च पदों तक पहुँचने में सहायक सिद्ध होंगे, जिससे वे देश की सेवा कर सकें।
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इन पुस्तकालयों को वाई-फाई, सोलर पावर, डिजिटल-एनालॉग सुविधाओं और अन्य आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। इनमें समकालीन साहित्य, सिलेबस की पुस्तकें और विश्व साहित्य के चयनित ग्रंथ उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें दुर्लभ पुस्तकें भी संग्रहित की गई हैं, जो पाठकों के लिए अनमोल धरोहर हैं।