पंजाब: ब्लैक फंगस के अब तक 188 पीड़ित मिले, वैकल्पिक दवाओं का स्टॉक बढ़ाने का आदेश
पंजाब में 188 ब्लैक फंगस के मामलों में 40 लोग गैर-कोविड मरीज हैं। इनमें से 156 लोग का अभी उपचार चल रहा है। वहीं 23 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। नौ लोग ठीक हो चुके हैं। ब्लैक फंगस से निपटने के लिए पंजाब सरकार विदेशी विशेषज्ञों की सलाह भी ले रही है।
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पंजाब में अब तक ब्लैक फंगस के मामलों की संख्या 188 तक पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को इसके इलाज में प्रयुक्त होने वाली एम्फोटेरिसिन दवा की कमी को देखते हुए राज्य में वैकल्पिक दवाओं के स्टॉक की मात्रा को बढ़ाने का आदेश दिया है। यह कदम उठाने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है।
राज्य के पास सिर्फ लीपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी के टीके ही स्टाक में रहने और आज इसके केवल 880 और टीके मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने वैकल्पिक दवाओं का स्टाक मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्फोटेरिसिन भरपूर मात्रा में हासिल करने के प्रयास के अलावा राज्य सरकार ने विशेषज्ञ समूह की सलाह पर पहले ही वैकल्पिक दवाओं जैसे कि इट्राकोनाजोल (4000 गोलियां) और पोसाकोनाजोल (500 गोलियां) उपलब्ध करवा दी हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष जाहिर किया कि छह सदस्यीय विशेषज्ञ समूह ने अस्पतालों को इलाज संबंधी प्रोटोकॉल के बारे में सलाह देने और अस्पतालों को मुहैया करवाई जा रही विभिन्न दवाओं के इस्तेमाल के बारे भी अवगत करवाने का कार्य आरंभ कर दिया है।
ब्लैक फंगस के 188 पीड़ितों में 148 कोविड रोगी
स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने बताया कि 188 में से 40 मामले कोविड से जुड़े हुए नहीं हैं जबकि 148 व्यक्ति कोविड पीड़ित हैं और 133 व्यक्तियों को स्टेरॉयड दी गई। इसके अलावा 122 व्यक्ति ब्लैक फंगस की शुरुआत से पहले ऑक्सीजन पर थे। कुल 154 व्यक्तियों को डायबिटीज थी जबकि 56 व्यक्तियों की रोगों से लड़ने की क्षमता कम थी और 47 व्यक्ति सह-बीमारियों वाले थे।
इस समय 156 व्यक्ति उपचाराधीन हैं जबकि नौ व्यक्ति ठीक हो चुके हैं और 23 की मौत हो चुकी है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मामलों की जानकारी देते हुए मेडिकल शिक्षा सचिव डीके तिवारी ने खुलासा किया कि सबसे अधिक 16 मामले जीएमसी पटियाला में सामने आए हैं जबकि जीएमसी अमृतसर में 10, फरीदकोट में 8 और मोहाली में 2 मामले सामने आए हैं।
विदेशी विशेषज्ञों की ली जा रही मदद : डॉ. तलवार
राज्य सरकार के कोविड विशेषज्ञ समूह के प्रमुख डॉ. केके तलवार ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। प्रोटोकॉल निर्धारित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ दो सत्र हो चुके हैं और मरीजों पर निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा उनको मदद भी मुहैया करवाई जा रही है।