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उम्र तो बस नंबर है: मोगा के हरबंस सिंह 100 साल के होने पर भी बेचते हैं सब्जी, कैप्टन भी हुए कायल

Sat, 17 Jul 2021 07:26 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 17 Jul 2021 07:26 PM IST
सार

हरबंस सिंह मोगा के रहने वाले हैं और अपने पोते-पोती को अच्छी शिक्षा देने के लिए सब्जी बेचते हैं। हरबंस सिंह का कहना है कि उन्हें अपने बच्चों को खूब पढ़ाना है। इसलिए वे काम करते हैं।

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Punjab: Centenarian Harbans Singh of Moga earning livelihood by selling vegetables
मोगा के हरबंस सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के एक बुजुर्ग आदमी ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि उम्र बस एक नंबर है। 100 साल के हरबंस सिंह अपने पोते और पोती की पढ़ाई के लिए सब्जी बेचते हैं। ठेले पर पर रखकर आलू और प्याज बेचने वाले हरबंस कहते हैं कि यह सब अपने बच्चों के लिए करते हैं। उनकी मेहनत के कायल मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी हो चुके हैं। 

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरबंस सिंह के धैर्य और कड़ी मेहनत की सराहना की, जो इस उम्र में अपने और अपने पोते-पोतियों के लिए सब्जी बेच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हरबंस सिंह को तत्काल 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और उनके पोते-पोतियों को शिक्षा की सुविधा देने की भी घोषणा की।

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मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि हरबंस सिंह की मदद के लिए कई स्थानीय गैर सरकारी संगठन भी आगे आए हैं। गौरतलब है कि हरबंस सिंह के वीडियो पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की।



100 वर्षीय हरबंस सिंह के बेटे की मौत हो चुकी है। वे अपने पोते-पोती की परवरिश के लिए रेहड़ी पर प्याज और आलू बेचते हैं। कुछ साल पहले बेटे की मौत के बाद बहू ने बच्चों को छोड़ दिया। हरबंस सिंह अब अपने पोते और पोती की देखभाल करने की जिम्मेदारी को पूरी लगन से निभा रहे हैं। उनका एक बेटा फल बेचता है लेकिन अपने परिवार से अलग रहता है।

हरबंस सिंह का कहना है कि उनका परिवार लाहौर जिले के सराय थानेवाला गांव से ताल्लुक रखता था और बंटवारे के समय भारत आया था। लगभग चार दशक पहले मोगा में बसने के बाद उन्होंने एक छोटा सा काम किया और सब्जियां बेचना शुरू कर दिया। वह मोगा के अमृतसर रोड पर मुख्य रूप से प्याज बेचते हैं।

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