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Punjab Cabinet: पुरानी पेंशन योजना की अधिसूचना जारी कर सकती है मान सरकार, गुजरात चुनाव है निशाना
Fri, 18 Nov 2022 06:01 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 18 Nov 2022 06:01 AM IST
सार
राज्य सरकार ओपीएस की अदायगी के लिए पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के पास जमा 17,000 करोड़ रुपये के कॉर्प्स फंड का प्रयोग कर सकती है, लेकिन इसे हासिल करना पंजाब सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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पंजाब कैबिनेट की बैठक
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब सरकार ने राज्य में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की तैयारी कर ली है। ओपीएस को पिछले दिनों मंजूरी देने के बाद शुक्रवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इसे लागू करने के लिए सरकार अधिसूचना जारी कर सकती है। यह अधिसूचना ठीक समय पर जारी की जा रही है जब गुजरात विधान सभा के चुनाव होने हैं।
आप सरकार के इस कदम को जहां कर्मचारियों के हित में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा हैं, वहीं गुजरात चुनाव में सरकार का यह फैसला सत्तारूढ़ दल के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। सूत्र बताते हैं कि गुजरात में चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार इसमें किसी तरह की देरी नहीं करना चाहती। बहरहाल सरकार को अधिसूचना के साथ ही इसके लिए कॉर्प्स फंड एकत्र करने पर माथापच्ची करनी होगी। हालांकि सरकार ने पिछले महीने ही पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन इस योजना को लागू करने के प्रस्ताव का खाका अब राज्य के वित्त विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार ओपीएस की अदायगी के लिए पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के पास जमा 17,000 करोड़ रुपये के कॉर्प्स फंड का प्रयोग कर सकती है, लेकिन इसे हासिल करना पंजाब सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस कोष में कर्मचारियों के वेतन का 10 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा पेंशन के लिए बेसिक सैलरी का 14 प्रतिशत हिस्से का योगदान रहता है। वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए केंद्र से पैसे वापस करने का आग्रह करना होगा, लेकिन यह केंद्र के विवेक पर निर्भर है। इसके बाद ही पुरानी पेंशन योजना लागू हो सकती है। पंजाब 2004 में नई पेंशन योजना को लागू करने वाले पहले राज्यों में से एक था। जब यह योजना शुरू की गई थी, तो सभी राज्यों के लिए इसमें शामिल होना अनिवार्य नहीं था। सूत्रों के मुताबिक ओपीएस लागू होन से सरकार पर कोई भी तत्काल वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि नई पेंशन योजना 1 अप्रैल, 2004 से लागू हुई थी। इसके चलते योजना के तहत कवर किए जाने वाले कर्मचारी 2032 के बाद सेवानिवृत्त होंगे।
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कैबिनेट की बैठक का समय बदला
पंजाब कैबिनेट की 18 नवंबर को बुलाई गई बैठक का समय बदला गया है। यह बैठक पंजाब सिविल सचिवालय में दोपहर 12 के बजाय 11 बजे से होगी। हालांकि बैठक का एजेंडा घोषित नहीं किया गया है, लेकिन जानकारी के अनुसार राज्य सरकार इस बैठक में मुलाजिमों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने संबंधी नोटिफिकेशन पर मुहर लगा सकती है।
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आप सरकार के इस कदम को जहां कर्मचारियों के हित में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा हैं, वहीं गुजरात चुनाव में सरकार का यह फैसला सत्तारूढ़ दल के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। सूत्र बताते हैं कि गुजरात में चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार इसमें किसी तरह की देरी नहीं करना चाहती। बहरहाल सरकार को अधिसूचना के साथ ही इसके लिए कॉर्प्स फंड एकत्र करने पर माथापच्ची करनी होगी। हालांकि सरकार ने पिछले महीने ही पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन इस योजना को लागू करने के प्रस्ताव का खाका अब राज्य के वित्त विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है।
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सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार ओपीएस की अदायगी के लिए पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के पास जमा 17,000 करोड़ रुपये के कॉर्प्स फंड का प्रयोग कर सकती है, लेकिन इसे हासिल करना पंजाब सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस कोष में कर्मचारियों के वेतन का 10 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा पेंशन के लिए बेसिक सैलरी का 14 प्रतिशत हिस्से का योगदान रहता है। वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए केंद्र से पैसे वापस करने का आग्रह करना होगा, लेकिन यह केंद्र के विवेक पर निर्भर है। इसके बाद ही पुरानी पेंशन योजना लागू हो सकती है। पंजाब 2004 में नई पेंशन योजना को लागू करने वाले पहले राज्यों में से एक था। जब यह योजना शुरू की गई थी, तो सभी राज्यों के लिए इसमें शामिल होना अनिवार्य नहीं था। सूत्रों के मुताबिक ओपीएस लागू होन से सरकार पर कोई भी तत्काल वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि नई पेंशन योजना 1 अप्रैल, 2004 से लागू हुई थी। इसके चलते योजना के तहत कवर किए जाने वाले कर्मचारी 2032 के बाद सेवानिवृत्त होंगे।
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कैबिनेट की बैठक का समय बदला
पंजाब कैबिनेट की 18 नवंबर को बुलाई गई बैठक का समय बदला गया है। यह बैठक पंजाब सिविल सचिवालय में दोपहर 12 के बजाय 11 बजे से होगी। हालांकि बैठक का एजेंडा घोषित नहीं किया गया है, लेकिन जानकारी के अनुसार राज्य सरकार इस बैठक में मुलाजिमों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने संबंधी नोटिफिकेशन पर मुहर लगा सकती है।