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पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक कल, इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 04 Dec 2016 06:41 PM IST
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सीएम प्रकाश सिंह बादल
- फोटो : File Photo
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विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब मंत्रिमंडल की अहम बैठक सोमवार को होगी। सीएम की अगुवाई में होने वाली बैठक में कई फैसले लिए जाने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक कैबिनेट की बैठक में जंगी विधवाओं की पेंशन दो हजार से बढ़ा कर साढ़े चार हजार रुपये प्रतिमाह करने पर फैसला लिया जा सकता है। इसी तरह जालंधर के सीटी ग्रुप को निजी यूनिवर्सिटी स्थापित करने की भी मंजूरी दी जा सकती है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार इस संबंध में ऑर्डिनेंस ला सकती है। सीटी ग्रुप को यूनिवर्सिटी की इजाजत देने का मामला विवादों में रहा है। उच्च शिक्षामंत्री सुरजीत रखड़ा चाहते थे कि इजाजत दी जाए, लेकिन उच्च शिक्षा और कानूनी विभागों ने इस पर ऐतराज जताया था। इसी लिए सरकार विधानसभा में इस संबंधी बिल नहीं ला सकी थी।
कैबिनेट में स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित एक प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। जिसके तहत विभिन्न नगर निकायों में नियुक्त सीवरमैन को रेगुलर किया जाना है। सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा नए पदों के सृजन संबंधी प्रस्ताव पर सहमति हो सकती है। वहीं, राजस्व विभाग ने कई तहसीलों से संबंधित गांवों को बदलने का प्रस्ताव दिया है। ये गांव तहसील मुख्यालय से दूर होने के कारण लोगों को काफी परेशानियां आ रही हैं।
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लोगों ने इस संबंध में कई बार शिकायत की थी। गांव बादल के आईटीआई के स्टाफ को रेगुलर करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि एक ही काम के लिए रेगुलर और कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त मुलाजिमों को अलग-अलग वेतन नहीं दिया जा सकता। कैबिनेट मीटिंग के दौरान इस पर भी विचार होने की उम्मीद है। क्योंकि अगर सरकार यह फैसला लागू करती है तो खजाने पर काफी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
हालांकि सरकार पहले ही तीन साल से काम कर रहे करीब 27 हजार कच्चे मुलाजिमों को रेगुलर करने के संबंध में ऑर्डिनेंस राज्यपाल को भेज चुकी है। जिस पर राज्यपाल की मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद है।
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कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार इस संबंध में ऑर्डिनेंस ला सकती है। सीटी ग्रुप को यूनिवर्सिटी की इजाजत देने का मामला विवादों में रहा है। उच्च शिक्षामंत्री सुरजीत रखड़ा चाहते थे कि इजाजत दी जाए, लेकिन उच्च शिक्षा और कानूनी विभागों ने इस पर ऐतराज जताया था। इसी लिए सरकार विधानसभा में इस संबंधी बिल नहीं ला सकी थी।
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कैबिनेट में स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित एक प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। जिसके तहत विभिन्न नगर निकायों में नियुक्त सीवरमैन को रेगुलर किया जाना है। सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा नए पदों के सृजन संबंधी प्रस्ताव पर सहमति हो सकती है। वहीं, राजस्व विभाग ने कई तहसीलों से संबंधित गांवों को बदलने का प्रस्ताव दिया है। ये गांव तहसील मुख्यालय से दूर होने के कारण लोगों को काफी परेशानियां आ रही हैं।
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लोगों ने इस संबंध में कई बार शिकायत की थी। गांव बादल के आईटीआई के स्टाफ को रेगुलर करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि एक ही काम के लिए रेगुलर और कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त मुलाजिमों को अलग-अलग वेतन नहीं दिया जा सकता। कैबिनेट मीटिंग के दौरान इस पर भी विचार होने की उम्मीद है। क्योंकि अगर सरकार यह फैसला लागू करती है तो खजाने पर काफी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
हालांकि सरकार पहले ही तीन साल से काम कर रहे करीब 27 हजार कच्चे मुलाजिमों को रेगुलर करने के संबंध में ऑर्डिनेंस राज्यपाल को भेज चुकी है। जिस पर राज्यपाल की मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद है।