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Punjab Cabinet: पंजाब में UGC वेतनमान को मंजूरी, अतिथि अध्यापकों का न्यूनतम वेतन 33 हजार होगा
Sat, 10 Sep 2022 01:31 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 10 Sep 2022 01:31 AM IST
सार
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए कैबिनेट ने राज्य के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के पारिश्रमिक को कम से कम 33600 रुपया प्रति माह किए जाने की मंजूरी दी है।
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पंजाब कैबिनेट की बैठक (फाइल फोटो)
- फोटो : @BhagwantMann
विस्तार
पंजाब के विश्वविद्यालय और कॉलेज के शिक्षकों को यूजीसी वेतनमान दिए जाने के फैसले को शुक्रवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सेवानिवृत्त 70 वर्ष तक के अतिथि अध्यापक 30 हजार मानदेय पर भर्ती किए जाएंगे। वर्तमान में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को न्यूनतम मानदेय 33,600 रुपये दिया जाएगा। इन अध्यापकों को दो साल के भीतर यूजीसी के नियमों को पूरा करना पड़ेगा। इसके अलावा संत अत्तर सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट संगरूर में 1020 नए पद सृजित किए जाएंगे।
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कैबिनेट में लिए गए सभी फैसले एक अक्तूबर से लागू किए जाएंगे। सूबे के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों और समकक्ष संवर्गों की लंबे समय से लंबित मांग को स्वीकार करते हुए मंत्रिमंडल ने 15 जनवरी 2016 से उनके वेतनमान को संशोधित करने के लिए मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से राज्य के विश्वविद्यालयों (पंजाब विश्वविद्यालय सहित), सरकारी कॉलेजों और सरकारी सहायता प्राप्त निजी कॉलेजों में समकक्ष संवर्ग में कार्यरत सभी शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को लाभ होगा।
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अतिथि शिक्षकों का 33600 से कम नहीं होगा मानदेय
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए कैबिनेट ने राज्य के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के पारिश्रमिक को कम से कम 33600 रुपया प्रति माह किए जाने की मंजूरी दी है। साथ ही यह भी अनिवार्य किया कि राज्य के सरकारी कालेजों में कार्यरत सभी अयोग्य अतिथि और अंशकालिक शिक्षकों को अधिसूचना के दो साल के भीतर यूजीसी के मानकों को पूरा करना होगा। ऐसा नहीं करने पर वे पारिश्रमिक में किसी भी वृद्धि के हकदार नहीं होंगे।
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संगरूर चिकित्सा संस्थान में 1020 नए पद सृजित होंगे
संत अत्तर सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, मस्तुआना साहिब, संगरूर में 1020 पद सृजित किए जाएंगे। इन पदों में फैकल्टी के 193 पद, पैरामेडिकल स्टाफ के 427 पद और 400 अन्य पद शामिल हैं। संगरूर में संस्थान के चालू होने के बाद इसमें एमबीबीएस कोर्स के लिए 100 सीटें उपलब्ध होंगी, जिसके कारण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने के लिए ये पद सृजित किए गए हैं।
कैप्टन के समय की योजना बंद
मंत्रिमंडल ने कुछ विभागों को सौंपी गई योजनाओं की निगरानी में पिछले वर्षों के असंतोषजनक प्रदर्शन को देखते हुए राज्य में गार्जियन ऑफ गवर्नेंस (जीओजी) योजना को समाप्त करने का भी निर्णय लिया। यह योजना वर्ष 2017 में कैप्टन अमरिंदर सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर कुछ विभागों की योजनाओं की कुशल और प्रभावी तरीके से निगरानी करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी लेकिन योजना धरातल पर सफल साबित नहीं हो सकी।