Punjab Budget 2024: शिक्षा पर मान सरकार का खास फोकस, 16,987 करोड़ से बदलेगी स्कूलों की सूरत
पंजाब सरकार का शिक्षा पर खास फोकस है। इसकी झलक मंगलवार को पेश बजट में भी दिखी। मान सरकार 16,987 करोड़ रुपये से स्कूलों की सूरत बदलेगी। स्कूल ऑफ एमिनेंस के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट अलग से रखा गया है।
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विस्तार
पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में शिक्षा पर खास फोकस रखा है। पंजाब के कुल बजट का 11.5 प्रतिशत 16,987 करोड़ रुपये रखा गया है। शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर 100 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को स्कूल ऑफ ब्रिलियंस, छात्रों में तकनीकी कौशल विकसित करने के उद्देश्य से स्कूल ऑफ एप्लाइड लर्निंग और युवा छात्रों को सीखने के लिहाज से बेहतर माहौल उपलब्ध कराने की दृष्टि से स्कूल ऑफ हैप्पीनेस की शुरुआत की गई है। इसके लिए अलग से बजट रखा गया है।
पंजाब सरकार का लक्ष्य 'साक्षर पंजाब' ही नहीं, बल्कि 'शिक्षित पंजाब' भी है। बच्चों में केवल पढ़ने लिखने की क्षमता ही नहीं बल्कि उनमें ज्ञान, नैतिकता और संवेदनशीलता पैदा करने के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष के बजट में शिक्षा का रोडमैप तैयार किया गया है। पंजाब सरकार ने बीते वर्ष में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों में 12,316 शिक्षकों को रेगुलर करना, 9,518 शिक्षकों की भर्ती, प्रिंसिपलों और हेड-मास्टरों का कौशल उन्नयन, स्कूलों में सुरक्षा उपायों में सुधार, 12,000 से अधिक इंटरनेट कनेक्शन लगाना, स्कूलों में 4300 शौचालयों की मरम्मत करवाना और छात्रों को पुस्तकें देना शामिल रहीं।
स्कूल ऑफ एमिनेंस, ब्रिलियंस, एप्लाइड लर्निग और हैप्पीनेस से शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
स्कूल ऑफ एमिनेंस
118 सरकारी स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस में परिवर्तित किया जाएगा। सरकार अब तक 14 स्कूल ऑफ एमिनेंस शुरू कर चुकी है। स्कूल ऑफ एमिनेंस के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में 100 करोड़ रुपये रखा गया है।
स्कूल ऑफ ब्रिलियंस
100 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को स्कूल ऑफ ब्रिलियंस के रूप में बदला जाएगा। इस नई शुरुआत के लिए 10 करोड़ रुपये प्रारंभिक बजट रखा गया है। इस योजना का उद्देश्य इन ग्रामीण स्कूलों को कक्षा 6 से 12 तक शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है।
स्कूल ऑफ एप्लाइड लर्निंग
स्कूल ऑफ एप्लाइड लर्निंग के तहत छात्रों में तकनीकी कौशल सहित हुनर विकसित किया जाएगा। उन्हें आजीविका कमाने की दृष्टि से सक्षम बनाया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रारंभिक बजट में 10 करोड़ रुपये रखा गया है। इसके लिए शुरुआती चरण में प्रदेश भर में 40 स्कूलों में हाइटेक वोकेशनल लैब स्थापित की जाएगी।
स्कूल ऑफ हैप्पीनेस
सरकार 100 प्राइमरी स्कूलों को स्कूल ऑफ हैप्पीनेस में तबदील करेगी। इन प्राइमरी स्कूल में तीन से 11 साल की आयु के युवा छात्रों को बेहतर शिक्षा माहौल उपलब्ध कराने के नजरिए से अच्छी हवादार कक्षाएं , समर्पित खेल क्षेत्र, रिसोर्स रूम और एक्टिविटी कॉर्नर उपलब्ध कराने पर ध्यान केंदित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के शुरुआत के लिए 10 करोड़ रुपये रखा गया है।
शिक्षा नीति पर कुछ अन्य मुख्य बिंदु
प्राइमरी और अपर प्राइमरी छात्रों की शिक्षा बुनियादी को मजबूत करने के लिए मिशन समरथ शुरू किया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
इन शिक्षा योजनाओं को सहायता रहेगी जारी
समग्र शिक्षा अभियान के लिए 1,593 करोड़ रुपये, 16.35 लाख छात्रों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने के लिए 467 करोड रुपये, मुफ्त किताबें, स्कूलों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 140 करोड़ रुपये, सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने और छातों पर सोलर पैनल लगाने के लिए 160 करोड़ रुपये, प्राइमरी स्कूलों के लिए 82, प्री प्राइमरी के लिए 35 और पंजाब युवा उद्यमी कार्यक्रम के लिए 15 करोड़ रुपये रखे हैं। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभिायान के लिए (रूसा) 80 करोड रुपये, सीएम छात्रवृत्ति के लिए छह करोड़ रुपये, सेनेटरी नैपिकन के लिए पांच करोड़ रुपये रखे गए हैं।
तकनीकी शिक्षा
पांच सरकारी पॉलिक्टिली कॉलेजों को सह शिक्षा संस्थानों में परिवर्तित किया गया। तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बजट में 525 करोड़ रुपये रखे गए हैं।