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पंजाब विधानसभा सत्र: जीएसटी बिल लाएगी सरकार, उपमुख्यमंत्री ने दिए संकेत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 31 Aug 2016 08:03 PM IST
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- फोटो : File Photo
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पंजाब सरकार आगामी विधानसभा सत्र में केंद्र के नए कर गुड्स एंड सर्विस टैक्स लाएगी। लोकसभा और राज्यसभा में यह बहुचर्चित बिल पारित होने के बाद झारखंड, असम, गोवा, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और बिहार विधानसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी है।
उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने पहले ही संकेत दे दिया है कि आठ सितंबर से होने वाले विधानसभा सत्र में इस बिल को लाया जाएगा और सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी। उल्लेखनीय है कि लोकसभा और राज्यसभा में इस सबसे बड़े सिंगल टैक्स रिफार्म बिल के पारित होने के बाद इसे देश की कम से कम 15 राज्यों की विधानसभाओं में भी पारित किया जाना जरूरी है। उसके बाद ही राष्ट्रपति बिल को जीएसटी परिषद को प्रेषित करेंगे, जो नए कर की दर और अन्य मुद्दों पर फैसला लेगी।
पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार के पास बहुमत होने के कारण इसे अनुसमर्थन देने में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी। हालांकि विपक्ष सदन में इसकी खामियों पर हो-हल्ला करने की तैयारी में है। लेकिन सदन में बहुमत होने के कारण इसे पास करने में गठबंधन सरकार को कोई समस्या नहीं होगी। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि कुछ विपक्षी राजनीतिक दलों के शासित प्रदेशों सहित इसे 15 राज्यों में पारित करवा लिया जाएगा और अगले साल अप्रैल माह से नया टैक्स देश में लागू हो जाएगा।
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उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने पहले ही संकेत दे दिया है कि आठ सितंबर से होने वाले विधानसभा सत्र में इस बिल को लाया जाएगा और सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी। उल्लेखनीय है कि लोकसभा और राज्यसभा में इस सबसे बड़े सिंगल टैक्स रिफार्म बिल के पारित होने के बाद इसे देश की कम से कम 15 राज्यों की विधानसभाओं में भी पारित किया जाना जरूरी है। उसके बाद ही राष्ट्रपति बिल को जीएसटी परिषद को प्रेषित करेंगे, जो नए कर की दर और अन्य मुद्दों पर फैसला लेगी।
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पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार के पास बहुमत होने के कारण इसे अनुसमर्थन देने में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी। हालांकि विपक्ष सदन में इसकी खामियों पर हो-हल्ला करने की तैयारी में है। लेकिन सदन में बहुमत होने के कारण इसे पास करने में गठबंधन सरकार को कोई समस्या नहीं होगी। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि कुछ विपक्षी राजनीतिक दलों के शासित प्रदेशों सहित इसे 15 राज्यों में पारित करवा लिया जाएगा और अगले साल अप्रैल माह से नया टैक्स देश में लागू हो जाएगा।
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