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पंजाब विस चुनाव: 15 दिसंबर तक लागू हो सकती है आचार संहिता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 18 Nov 2016 10:48 PM IST
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सुखबीर बादल
- फोटो : File Photo
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पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 15 दिसंबर तक चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है। इस लिहाज से विधानसभा चुनाव फरवरी माह में कराए जा सकते हैं। इन्हीं अनुमानों के बीच राज्य चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
खास बात यह भी है कि आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य चुनाव आयोग मतदान के लिए ईवीएम का प्रयोग करते हुए एक नया प्रयोग भी करने जा रहा है। पहली बार मतदाता ईवीएम का बटन दबाने के बाद यह भी देख सकेंगे कि उनका वोट किस नेता व पार्टी को गया है। हालांकि, यह प्रयोग फिलहाल प्रत्येक जिले में किसी एक मतदान केंद्र पर किया जाएगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि वोटर वेरीफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) सिस्टम को केवल प्रयोग के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा क्योंकि यह उपकरण काफी महंगा भी है और इतनी जल्दी बड़ी संख्या में उपकरण जुटाना संभव नहीं है। यह उपकरण ईवीएम के साथ ही अटैच होगा और जैसे ही मतदाता अपना मत डालने के लिए बटन दबाएगा तो इस उपकरण में लगी स्क्रीन पर एक पर्ची 7 सेकेंड के लिए दिखाई देगी, जो मतदाता को यह दिखाएगी कि उसने किसे वोट दिया है। इस पर्ची पर संबंधित उम्मीदवार का चुनाव चिह्न छपा होगा। इसके बाद यह पर्ची उपकरण में ही बंद हो जाएगी। राज्य चुनाव आयोग ने इस उपकरण के बारे में प्रदेश के राजनीतिक दलों को एक बैठक बुलाकर जानकारी दी है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की मतदाता सूचियों में जिन लोगों के नाम अभी दर्ज नहीं हुए हैं, वे 31 दिसंबर तक अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं।
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खास बात यह भी है कि आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य चुनाव आयोग मतदान के लिए ईवीएम का प्रयोग करते हुए एक नया प्रयोग भी करने जा रहा है। पहली बार मतदाता ईवीएम का बटन दबाने के बाद यह भी देख सकेंगे कि उनका वोट किस नेता व पार्टी को गया है। हालांकि, यह प्रयोग फिलहाल प्रत्येक जिले में किसी एक मतदान केंद्र पर किया जाएगा।
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मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि वोटर वेरीफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) सिस्टम को केवल प्रयोग के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा क्योंकि यह उपकरण काफी महंगा भी है और इतनी जल्दी बड़ी संख्या में उपकरण जुटाना संभव नहीं है। यह उपकरण ईवीएम के साथ ही अटैच होगा और जैसे ही मतदाता अपना मत डालने के लिए बटन दबाएगा तो इस उपकरण में लगी स्क्रीन पर एक पर्ची 7 सेकेंड के लिए दिखाई देगी, जो मतदाता को यह दिखाएगी कि उसने किसे वोट दिया है। इस पर्ची पर संबंधित उम्मीदवार का चुनाव चिह्न छपा होगा। इसके बाद यह पर्ची उपकरण में ही बंद हो जाएगी। राज्य चुनाव आयोग ने इस उपकरण के बारे में प्रदेश के राजनीतिक दलों को एक बैठक बुलाकर जानकारी दी है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की मतदाता सूचियों में जिन लोगों के नाम अभी दर्ज नहीं हुए हैं, वे 31 दिसंबर तक अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं।
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