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बड़ा ऐलानः न ही पंजाब चुनाव की टिकट मांगूंगा, न ही कोई पद
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sun, 10 Apr 2016 02:45 PM IST
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कांग्रेस नेता जगमीत बराड़
- फोटो : फाइल फोटो
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद जगमीत सिंह बराड़ ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह 2017 के विस चुनावों में टिकट के दावेदार नहीं होंगे और न ही कैप्टन से किसी भी तरह के पद की मांग नहीं करेंगे। बराड़ ने कहा कि एकजुटता के साथ ही पंजाब में कांग्रेस को बचाया जा सकता है।
बराड़ ने कहा कि वे पार्टी को खत्म नहीं, बल्कि मजबूत करना चाहते हैं। यदि सूबे के पंद्रह वरिष्ठ नेता बराड़ को निकालने को कह दें तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। बीर दविंदर का समर्थन करने पर प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा हाईकमान को बराड़ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश पर बराड़ ने कहा कि कैप्टन के पास मेरे खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है।
यदि मेरा शीश लेने से कांग्रेस सत्ता में आ सकती है, तो इस त्याग के लिए भी तैयार हूं। बराड़ का दावा है कि सूबे में दो राजनीतिक परिवारों के बीच वर्षों से फ्रेंडली मैच चल रहा है। बराड़ शनिवार को लुधियाना के माडल टाउन एक्सटेंशन में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। बराड़ ने कहा कि चुनावी माहौल में राजनीतिक दल नए प्रधान बना रहे हैं, जबकि कांग्रेस वरिष्ठ नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा रही है।
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पंजाब में चुनावों की तैयारी पर पूछे सवाल पर बराड़ ने आम आदमी पार्टी की तारीफ करते हुए कहा कि आप नशा, किसान, कृषि समेत पंजाब के मुद्दों को गंभीरता से उठा रही है, जमीनी स्तर पर उनका काम बेहतर हो रहा है। जबकि एसवाईएल मुद्दे पर अकाली दल ने लोगों को लामबंद किया है, जबकि कांग्रेस की स्थिति पर बराड़ केवल मुस्कुरा दिए। बराड़ ने कहा कि चुनावी रणनीति में प्रशांत किशोर अच्छा काम कर रहे हैं, वे भी पंजाब के नेताओं को एकजुट करने की मांग कर रहे हैं, यदि प्रशांत की चली, कांग्रेस एकजुट हुई तभी अगले चुनाव जीते जा सकते हैं।
बराड़ ने कहा कि युवाओं को नशा और कर्ज किसानों को खा रहा है। इसके लिए उन्होंने एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। यह अभियान 117 हलकों में जाएगा। बराड़ ने कहा कि 13 अप्रैल को बैसाखी से किसान गरीब मजदूर राहत फंड बनाया जाएगा। इसमें रकम इक्टठा करके पीड़ित परिवारों के लोगों को दी जाएगी। बराड़ ने कहा कि दोनों राजनीतिक परिवारों ने पैसे खूब कमाए, लेकिन पंजाब को रिटर्न नहीं किया। इसलिए पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए वे आगे आए हैं। बराड़ ने कहा कि बैसाखी पर होने वाली कांग्रेस की रैली पर दो करोड़ खर्च करने की बजाए आत्महत्याएं करने वाले किसानों की विधवाओं को यह रकम दी जाए। इसके अलावा बढ़ रहे नशे की जांच के लिए बराड़ से सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
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बराड़ ने कहा कि वे पार्टी को खत्म नहीं, बल्कि मजबूत करना चाहते हैं। यदि सूबे के पंद्रह वरिष्ठ नेता बराड़ को निकालने को कह दें तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। बीर दविंदर का समर्थन करने पर प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा हाईकमान को बराड़ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश पर बराड़ ने कहा कि कैप्टन के पास मेरे खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है।
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यदि मेरा शीश लेने से कांग्रेस सत्ता में आ सकती है, तो इस त्याग के लिए भी तैयार हूं। बराड़ का दावा है कि सूबे में दो राजनीतिक परिवारों के बीच वर्षों से फ्रेंडली मैच चल रहा है। बराड़ शनिवार को लुधियाना के माडल टाउन एक्सटेंशन में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। बराड़ ने कहा कि चुनावी माहौल में राजनीतिक दल नए प्रधान बना रहे हैं, जबकि कांग्रेस वरिष्ठ नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा रही है।
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पंजाब में चुनावों की तैयारी पर पूछे सवाल पर बराड़ ने आम आदमी पार्टी की तारीफ करते हुए कहा कि आप नशा, किसान, कृषि समेत पंजाब के मुद्दों को गंभीरता से उठा रही है, जमीनी स्तर पर उनका काम बेहतर हो रहा है। जबकि एसवाईएल मुद्दे पर अकाली दल ने लोगों को लामबंद किया है, जबकि कांग्रेस की स्थिति पर बराड़ केवल मुस्कुरा दिए। बराड़ ने कहा कि चुनावी रणनीति में प्रशांत किशोर अच्छा काम कर रहे हैं, वे भी पंजाब के नेताओं को एकजुट करने की मांग कर रहे हैं, यदि प्रशांत की चली, कांग्रेस एकजुट हुई तभी अगले चुनाव जीते जा सकते हैं।
बराड़ ने कहा कि युवाओं को नशा और कर्ज किसानों को खा रहा है। इसके लिए उन्होंने एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। यह अभियान 117 हलकों में जाएगा। बराड़ ने कहा कि 13 अप्रैल को बैसाखी से किसान गरीब मजदूर राहत फंड बनाया जाएगा। इसमें रकम इक्टठा करके पीड़ित परिवारों के लोगों को दी जाएगी। बराड़ ने कहा कि दोनों राजनीतिक परिवारों ने पैसे खूब कमाए, लेकिन पंजाब को रिटर्न नहीं किया। इसलिए पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए वे आगे आए हैं। बराड़ ने कहा कि बैसाखी पर होने वाली कांग्रेस की रैली पर दो करोड़ खर्च करने की बजाए आत्महत्याएं करने वाले किसानों की विधवाओं को यह रकम दी जाए। इसके अलावा बढ़ रहे नशे की जांच के लिए बराड़ से सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।