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भर्तियों में गड़बड़ी की जांच पेंडिंग, हाईकोर्ट से फटकार

Sat, 13 Dec 2014 03:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 13 Dec 2014 03:56 PM IST
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Highcourt Statement on hcs recuritment

हरियाणा में चौटाला शासन के दौरान वर्ष 2002 में 65 एचसीएस अधिकारियों की भर्ती में गड़बड़ी की जांच अब तक मुकम्मल नहीं किए जाने पर शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई।

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जस्टिस राजीव भल्ला व जस्टिस बीएस वालिया की डिवीजन बेंच ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नौ साल तक जांच लंबित रखना अपने आप में ही घपला है।

बेंच ने इसके साथ ही प्रदेश सरकार से अगली सुनवाई पर मामले में अब तक हुई जांच की सीलबंद रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। सरकार ने शुक्रवार को बेंच के समक्ष स्थिति रिपोर्ट पेश करते हुए जांच पूरी करने के लिए छह महीने का समय मांगा।
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बेंच ने हालांकि यह जवाब रिकार्ड पर ले लिया, लेकिन साथ ही कहा कि घपले में 11 साल पहले मामला दर्ज हुआ था और विशेष जांच टीम नौ साल से क्या कर रही है? बेंच ने अब तक हुई जांच में उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियों की रिपोर्ट, किनकी भर्ती सही हुई और अन्य अंश सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिए।

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यह है पूरा मामला

Highcourt Statement on hcs recuritment

कांग्रेसी मंत्री करण सिंह दलाल ने याचिका दायर कर भर्ती में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने भर्ती का सारा रिकार्ड परखा। रजिस्ट्रार विजिलेंस के कार्यालय में पूरे रिकार्ड को परखने पर गड़बड़ी पाई गई। इस पर हाईकोर्ट ने मामला दर्ज कर जांच एसआईटी से कराने का निर्देश दिया था।

इसके बाद हाईकोर्ट दोबारा सफल व असफल उम्मीदवारों की पांच-पांच उत्तर पुस्तिकाएं मंगवा चुकी है। इनमें उन उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाएं भी शामिल हैं, जिन्हे इंटरव्यू में कथित तौर पर अधिक अंक देकर दक्ष उम्मीदवारों को पीछे धकेल दिया गया था। यह मामला लंबे समय से हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे जस्टिस एके सीकरी की डिवीजन बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद एक बार फैसला सुरक्षित लिया था, लेकिन बाद में केस खोलते हुए सभी पक्षों को सुनवाई का मौका दिया गया था। इसके बाद भी यह मामला डेढ़ साल से लंबित है।

सरकार की ओर से पैरवी के लिए दिल्ली से वरिष्ठ वकील हाईकोर्ट पहुंचते रहे लेकिन बाद में उन्होंने केस लड़ने से इंकार कर दिया। इसके बाद पिछली कुछ सुनवाईयों के दौरान केस में खास तरक्की नहीं हुई। नौ दिसंबर को हाईकोर्ट ने कहा था कि अब कोई आनाकानी नहीं चलेगी, केवल बहस होगी। शुक्रवार को मामले पर बहस शुरू हो गई है।

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